न दवा, न जाल…ऐसे पाएं मक्के के कांटेदार दुश्मन सेही से छुटकारा, भूल जाएगा खेतों का रास्ता
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How to Protect Crop From Wild Animals: शाहजहांपुर समेत कई इलाकों में मक्के की फसल पर इन दिनों ‘सेही’ यानी पार्क्युपाइन का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. रात के समय खेतों में पहुंचने वाला यह जंगली जानवर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहा है. सेही मक्के के पौधों को जड़ के पास से काटकर फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है, जिससे किसान परेशान हैं. लगातार बढ़ रहे हमलों के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है और कई जगहों पर फसल बचाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. इस खबर में जानिए कैसे आप अपनी फसल को बचा सकते हैं.
शाहजहांपुर: गर्मियों के इस सीजन में जहां किसान अपनी मक्के की फसल से बेहतर उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहीं जंगली जानवर ‘सेही’ यानी पार्क्युपाइन ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है. सेही रात के अंधेरे में मक्के के खेतों पर हमला कर रही है और पौधों को जड़ के पास से काटकर तबाह कर रही है. इससे न केवल फल बल्कि पूरी फसल बर्बाद हो रही है. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कृषि एक्सपर्ट ने कुछ बेहद आसान और घरेलू जुगाड़ से फसल की सुरक्षा करने की अनूठी तकनीक सुझाई है.
कृषि एक्सपर्ट डॉ. हादी हुसैन खान ने बताया कि सेही एक ऐसा जीव है जो सिर्फ रात के समय फसलों, बागवानी और किचन गार्डन को नुकसान पहुंचाता है. इसे पकड़ना बेहद मुश्किल है, इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय है. बागवानी में नए पौधों के तनों पर 3-4 फीट की ऊंचाई तक प्लास्टिक की बोरियों को पतले तार या सुतली से बांधकर सुरक्षित किया जा सकता है. खेतों के लिए जालीदार लोहे की फेंसिंग और साड़ियों का घेरा बनाकर भी फसल को बचाया जा सकता है. इससे सेही को मानव उपस्थिति का अहसास होता है और वह खेतों से दूर रहती है.
बागवानी और नए पौधों को भी भारी नुकसान
सेही का आतंक सिर्फ मक्के की मुख्य फसल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बागवानी फसलों और किचन गार्डन को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है. यह जीव विशेष रूप से बगीचों में लगाए गए नए और कोमल पौधों को अपना शिकार बना रहा है. तनों को जड़ के पास से काटने के कारण पौधे सूख जाते हैं, जिससे किसानों और बागवानों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
जंगली जानवरों से फसल बचाने का तरीका
एक्सपर्ट ने इस समस्या से निपटने के लिए एक बेहद किफायती और व्यावहारिक तरीका सुझाया है. खेतों के चारों ओर महिलाओं की पुरानी साड़ियों का घेरा लगाने से सेही को वहां इंसानों की गंध और मौजूदगी का भ्रम होता है, जिससे वह डरकर भाग जाती है. इसके अलावा, बागवानी के पौधों की सुरक्षा के लिए तनों पर चार फीट तक प्लास्टिक की बोरी लपेटकर सुतली या पतले लोहे के तारों से बांधने की सलाह दी गई है.
एक्सपर्ट ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों और आसपास के क्षेत्रों की लगातार निगरानी करें. अगर खेतों के आसपास सेही के बड़े बिल दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत भारी पत्थरों और मिट्टी से मजबूती से बंद कर देना चाहिए. सेही जमीन खोदकर अंदर घुसने में माहिर है, इसलिए केवल सतही सुरक्षा काफी नहीं है. इसके साथ ही, खेतों के चारों ओर जालीदार लोहे की फेंसिंग लगाना सबसे टिकाऊ समाधान साबित होगा.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें