पहले FIR, फिर SBSP ने किया इनाम का ऐलान, किस पचड़े में फंसे AIMIM नेता शौकत अली

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पहले FIR, फिर SBSP ने किया इनाम का ऐलान, किस पचड़े में फंसे AIMIM नेता शौकत अली


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Bahraich News: उत्तर प्रदेश में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के महाराजा सुहेलदेव को ‘लुटेरा’ बताने पर FIR दर्ज हुई. सुभासपा ने शौकत अली को जूता मारने वाले को 51,111 रुपये इनाम देने की घोषणा की. बयान से हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं, पुलिस जांच जारी है.

पहले FIR, फिर SBSP ने किया इनाम का ऐलान, किस पचड़े में फंसे AIMIM नेता शौकत अलीBahraich News: AIMIM यूपी अध्यक्ष शौकत अली पर FIR
बहराइच. उत्तर प्रदेश की राजनीति में महाराजा सुहेलदेव को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के कथित विवादित बयान पर कोतवाली देहात थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. बहराइच जिला अध्यक्ष फिरोज बागवान पर भी FIR दर्ज की गई है.

हिंदू रक्षा दल के जिला महामंत्री तिलकराम मिश्रा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें शौकत अली पर महाराजा सुहेलदेव को ‘लुटेरा’ बताने का आरोप लगाया गया है. इस बयान से हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत होने का दावा किया गया. इस बीच, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने शौकत अली को जूता मारने वाले व्यक्ति को 51,111 रुपये इनाम देने का ऐलान कर सियासी हलचल मचा दी है.

महाराजा सुहेलदेव को बताया था लुटेरा

विवाद की शुरुआत बहराइच में AIMIM के एक कार्यकर्ता सम्मेलन से हुई, जहां शौकत अली ने पार्टी के जिलाध्यक्ष के आवास पर भाषण दिया. मिश्रा के मुताबिक, शौकत अली ने कहा, “सालार मसूद गाजी लुटेरा नहीं थे, बल्कि महाराजा सुहेलदेव लुटेरे थे. गाजी एक मुस्लिम थे और मुस्लिमों के खून में इंसाफ पसंदी होती है.” उन्होंने आगे दावा किया कि जब सुहेलदेव ने अत्याचार किया, तो सालार मसूद ने उनके खिलाफ लड़ाई लड़ी. शौकत अली ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और उनसे पूछा कि वे सुहेलदेव के साथ हैं या सालार मसूद के. उन्होंने ओम प्रकाश राजभर के साथ गठबंधन टूटने का जिक्र करते हुए कहा कि राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी को सालार मसूद की दरगाह ले जाने पर आपत्ति जताई थी.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

तिलकराम मिश्रा ने शिकायत में कहा कि यह बयान महाराजा सुहेलदेव, जो पूर्वांचल के राजपूतों के लिए गौरव का प्रतीक हैं, का अपमान है. उन्होंने इसे सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश बताया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने वाले बयान) और 196(1)(बी) (धर्म, जाति आदि के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी फैलाना) के तहत FIR दर्ज की. एक अन्य व्यक्ति को भी शौकत अली के साथ नामजद किया गया है. एसपी बहराइच ने बताया कि जांच चल रही है और वीडियो फुटेज की पड़ताल की जा रही है.

सुभासपा ने किया इनाम का ऐलान

सुभासपा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा, “शौकत अली को इतिहास की जानकारी ही नहीं. वे विदेशी आक्रांताओं को योद्धा बता रहे हैं और राष्ट्रनायक सुहेलदेव को लुटेरा. यह भारत माता का अपमान है.” पार्टी प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने ऐलान किया, “अगर कोई वीर योद्धा शौकत अली जैसे जाहिल को जूता मारता है, तो सुभासपा उसे 51,111 रुपये उपहार में देगी.” उन्होंने शौकत अली से तुरंत माफी मांगने की मांग की, वरना पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी. सुभासपा ने इसे महाराजा सुहेलदेव का अपमान बताते हुए पूरे राष्ट्र को एकजुट होने का आह्वान किया.

पहले भी विवादों में रहे हैं शौकत अली

AIMIM की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. शौकत अली के पिछले बयानों को लेकर भी विवाद हो चुके हैं, लेकिन यह मामला सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आगामी चुनावों में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधनों को प्रभावित कर सकता है. पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की है. फिलहाल, मामला कोर्ट में जाएगा, जहां शौकत अली को समन जारी हो सकता है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

Principal Correspondent, Lucknow

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