पान की खेती ठंड में हो सकती है चौपट! तुरंत करें बांस और पुआल से ये जुगाड़, एक्सपर्ट ने दिया धांसू आइडिया
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Betel Farming Tips : सर्दियों में तापमान गिरते ही पान की बेलें तेजी से प्रभावित होती हैं, जिससे पत्तियों का जलना, मुरझाना और सड़न जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. कृषि एक्सपर्ट का मानना है कि समय रहते संरक्षण न किया जाए तो पूरी फसल चौपट हो सकती है. ऐसे में बांस और पुआल से बनाई गई अस्थायी शेडिंग बेलों को ठंड, पाले और तेज हवाओं से बचाने का आसान और किफायती तरीका है.
औषधीय गुणों से भरपूर पान का हमारे जीवन में बड़ा ही महत्व है. हमारे देश में पान की खेती किसान बड़े लंबे समय से करते आ रहे हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीके से पान की खेती की जाती है. पान की खेती करने वाले किसान अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं. लेकिन इसमें नुकसान होने का खतरा ज्यादा रहता है.

रायबरेली जिले के उद्यान निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि पान की खेती करने वाले किसान उस खेत का चयन करें. जहां पर नमी बराबर बनी रहे. जिससे उन्हें ज्यादा सिंचाई करने की जरूरत ना पड़े. भीषण ठंड के मौसम में पान के बरेजा के ऊपर छावनी बना दें. जिससे मौसम में गर्माहट बनी रहे. ठंड के दिनों में हल्की-हल्की सिंचाई करें, जिससे पान की बेल व पत्ता खराब नहीं होगा.

पान की खेती के लिए किसान सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करके उसे कुछ समय के लिए खुला छोड़ दें .जिससे खेत में मौजूद फसलों के अवशेष नष्ट हो जाए. साथ ही बरेजा बनाने से पहले एक बार फिर खेत की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना दें.
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सबसे पहले मिट्टी का उपचार कर लें. मिट्टी का उपचार करने के लिए सड़ी हुई गोबर की खाद में ट्राइकोडर्मा मिला दें .उसका मिश्रण तैयार करने के बाद खेत में छिड़काव कर दें. जिससे खेत की मिट्टी उपचारित हो जाएगी .ऐसा करने से पान की फसल में फाइटो थोरा फुट रूट की समस्या नहीं होगी.

बरेजा निर्माण के लिए किसान बांस , पुवाल , का इस्तेमाल करें .बांस को पंक्तिवार जमीन में रोप दें .उसके बाद छप्पर बनाकर चारों ओर से ढक दें परंतु यह ध्यान रहे की बांस से बांस की दूरी 50 सेमी होनी चाहिए. उसके बाद इसमें पान की रोपाई भी पंक्तिवार करें.

रोपाई करते समय ध्यान रखें की पंक्ति से पंक्ति के बीच की दूरी 30 सेमी हो. खरीफ के सीजन में पान की रोपाई अगस्त के तीसरे सप्ताह में की जाती है. पान के पौधे की रोपाई के तीन से चार दिन बाद दो से ढाई घंटे के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए .बारिश के मौसम में हल्की सिंचाई करें.

नरेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि पान की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 50 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान भी देती है. पान की खेती करने वाले किसान अनुदान के जिला उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं.