बरेली का मशहूर सुरमा की पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा, मानसून में आंखों की लिए खास, जाने
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बरेली का मशहूर सुरमा पीढ़ियों से बन रहा है, जो देश-विदेश में पहचान बना चुका है. मानसून में आंखों की समस्याओं के लिए लोग इसे पसंद करते हैं, पर गंभीर होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
बरेली: बरेली का नाम सुनते ही झुमके के साथ जिस चीज का पहले नाम आता है, उसे बरेली का सूरमा कहते हैं. यहां का मशहूर सुरमा पीढ़ियों से तैयार किया जा रहा है. जो बरेली ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी पहचान बना चुका है. खास बात यह है कि मानसून के मौसम में जब आंखों से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं. तब लोग आंखों की देखभाल के लिए पारंपरिक उत्पादों की ओर भी रुख करते हैं. हालांकि आंखों में संक्रमण या बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी है.
बरेली के बड़ा बाज़ार स्थित कादरी सुरमा एंड कंपनी के प्रोपराइटर जुनैद अहमद कादरी बताते हैं कि सुरमा बनाने की कला उनके परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही है. उनके अनुसार यह काम सामान्य व्यवसाय की तरह नहीं है, बल्कि इसमें वर्षों का अनुभव, पारंपरिक ज्ञान और विशेष नुस्खों की आवश्यकता होती है. यही वजह है कि हर कोई आसानी से इस कारोबार को शुरू नहीं कर सकता.
बदलते मौसम में आंखों के लिए कैसे करें सूरमा का प्रयोग
जुनैद अहमद कादरी ने लोकल 18 को बताया कि मानसून के मौसम में नमी, गंदा पानी और बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. इस दौरान कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू), गुहेरी (स्टाई), आंखों में जलन, खुजली, लालपन और सूखापन जैसी परेशानियां देखने को मिलती हैं. ऐसे मौसम में आंखों की साफ-सफाई बनाए रखना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखना और जरूरत पड़ने पर नेत्र विशेषज्ञ से उपचार लेना बेहद जरूरी होता है.
जुनैद अहमद कादरी बताते हैं, जो लोग सुरमा का व्यापार करना चाहते हैं. वे उनकी कंपनी से विभिन्न प्रकार के सुरमा खरीदकर अपने शहर या दुकान पर बेच सकते हैं. उनकी कंपनी में ममीरा नंबर 500, 555 स्पेशल सहित कई तरह के सुरमा उपलब्ध हैं. इसके अलावा काजल, पेस्ट और खुला सुरमा भी ग्राहकों की जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है. कीमत की बात करें तो सामान्य उपयोग वाला सुरमा मात्र 5 रुपये से शुरू होता है, जबकि प्रीमियम श्रेणी के सुरमा 200 रुपये से 400 रुपये तक उपलब्ध हैं.
तेज दर्द व खुजलाहट से मिलेगा आराम
जुनैद अहमद कादरी का कहना है कि नियमित रूप से सुरमा लगाने से कई लोगों को आंखों में जलन, चुभन और सामान्य असहजता से राहत का अनुभव होता है. हालांकि यदि आंखों में तेज दर्द, लगातार लालपन, मवाद, धुंधला दिखाई देना या संक्रमण के गंभीर लक्षण हों, तो केवल सुरमे पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. पारंपरिक उत्पाद सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें