बारिश पर आस्था भारी, इस लीला को देखने पहुंच गए लाखों भक्त,दिखा ये अद्भुत नजार्

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बारिश पर आस्था भारी, इस लीला को देखने पहुंच गए लाखों भक्त,दिखा ये अद्भुत नजार्


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Varanasi Bharat Milap:चित्रकूट लीला समिति द्वारा आयोजित यह लीला 482 साल पुरानी है.भगवान राम के अनन्य भक्त मेघा भगत ने इसकी शुरुआत की थी.धार्मिक मान्यता है कि उन्हें इसी इस लीला के दौरान ही प्रभु श्री राम के दर्शन हुए थे.भक्तों का ऐसा मानना है कि आज भी इस लीला में कुछ क्षण के लिए प्रभु श्री राम आते है.

धर्म नगरी काशी में आज भारी बारिश के बीच नाटी इमली का ऐतिहासिक भरत मिलाप समन्न हुआ.सुबह से हो रही भारी बारिश आज भक्तों के आस्था के सामने टिक नहीं पाई. भयंकर बारिश के बीच पूरे परम्परा के साथ इस अद्भुत और अनोखे लीला का मंचन हुआ.शाम 4 बजकर 40 मिनट पर प्रभु श्री राम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुघ्न जब मिले तो हर हर महादेव के जयघोष के साथ जय श्री राम की गूंज गूंजने लगी. इस अद्भुत नजारे को लोगों ने कैमरे में भी कैद किया. परम्परा के मुताबिक,काशी नरेश भी इस लीला में शामिल होने के लिए चलें आए. हालांकि इस बार वें हाथी के बजाए कार से इस लीला स्थल तक आएं.

वहीं भक्त छाता और रेनकोट पहन घण्टो पहले ही नाटी इमली के भरत मिलाप मैदान पहुंचने लगे. लीला से पहले ही मैदान खचाखच भक्तों से भर गया. वहीं आस पास के घर के छतों पर भी भक्तों की भीड़ दिखी.

482 साल पुरानी है परम्परा
चित्रकूट लीला समिति द्वारा आयोजित यह लीला 482 साल पुरानी है.भगवान राम के अनन्य भक्त मेघा भगत ने इसकी शुरुआत की थी.धार्मिक मान्यता है कि उन्हें इसी इस लीला के दौरान ही प्रभु श्री राम के दर्शन हुए थे.भक्तों का ऐसा मानना है कि आज भी इस लीला में कुछ क्षण के लिए प्रभु श्री राम आते है.इसी कारण इस लीला को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ होती है.

लक्खा मेले है शुमार
काशी के भरत मिलाप की लीला काशी के लक्खा मेले में शुमार है.महज पांच मिनट के इस लीला को निहारने के लिए नाटी इमली के मैदान में लाखों लोगों की भीड़ होती है.काशी राज परिवार से भी इस लीला का रिश्ता 228 साल पुराना है.जिसे आज भी कायम रखा गया है.

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