भीषण गर्मी में बिजली के तारों ने भी दिया धोखा! फॉल्ट से मचा हड़कंप

0
भीषण गर्मी में बिजली के तारों ने भी दिया धोखा! फॉल्ट से मचा हड़कंप


Last Updated:

Ground Report: मेरठ के जागृति विहार में 3 दिन तक बिजली गुल रहने से लोग भीषण गर्मी में परेशान रहे. फॉल्ट और कमजोर वायरिंग के कारण हालात बिगड़े. पानी की किल्लत और गर्मी से लोग बेहाल हो गए.

हाइलाइट्स

  • मेरठ में 3 दिन तक बिजली गुल रहने से लोग भीषण गर्मी में परेशान रहे.
  • फॉल्ट और कमजोर वायरिंग के कारण हालात बिगड़े.
  • पानी की किल्लत और गर्मी से लोग बेहाल हो गए.

मेरठ: उत्तर भारत की गर्मी वैसे ही किसी चुनौती से कम नहीं होती है. ऐसे में अगर बिजली भी साथ छोड़ दे तो हालात बुरे हो जाते हैं. मेरठ के कई इलाकों में तापमान 42 से 43 डिग्री तक पहुंच चुका है. लोगों की एकमात्र राहत का जरिया कूलर, पंखा और एसी है. अगर वो भी बंद हो जाएं, तो सोचिए कैसा माहौल बनेगा? कुछ ऐसा ही नजारा मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-6 में देखने को मिला. यहां मनसा देवी मंदिर के पास बिजली लाइन में फॉल्ट के कारण लगातार तीन दिन तक बिजली आपूर्ति ठप रही.

गर्मी से जनता बेहाल
गर्मी से बेहाल क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. स्थानीय निवासी शिवानी कहती हैं, “बिजली विभाग हर साल दावे करता है कि इस बार गर्मी में कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन जैसे ही असली गर्मी शुरू होती है, बिजली चली जाती है. तीन दिन हो गए, लेकिन विभाग ने तब तार बदले जब लोग पहले ही खूब परेशान हो चुके थे.”

ना पंखा चला, ना पानी मिला
तीन दिन की बिजली कटौती का सीधा असर लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ा. न तो पंखे और कूलर चल पाए, और न ही पानी की मोटर. स्थानीय निवासी सुमित बताते हैं, “घर में पीने के पानी तक की किल्लत हो गई थी. लोग बाल्टी लेकर छत पर पानी भरने दौड़ते दिखे. बुजुर्ग और बच्चों को सबसे ज्यादा तकलीफ हुई.”

तार बदले, फिर भी उठीं चिंगारियां
स्थानीय निवासी दीपक बताते हैं कि विभाग ने जब शिकायत पर एक्शन लिया, तब पुराने तार हटाकर नए लगाए गए. लेकिन समस्या वहां भी बनी रही. तारों की गुणवत्ता कमजोर थी. रात में जैसे ही लोड बढ़ा, तार चिंगारी छोड़ने लगे और टूटकर गिर गए. अगर कोई नीचे होता तो बड़ा हादसा हो सकता था.

बिजली लोड को लेकर बने ठोस योजना
एक उपभोक्ता बिजेंद्र ने सुझाव दिया कि गर्मियों में जब लोड बढ़ता है, तो विभाग को पहले से लोड के हिसाब से क्षेत्रवार प्लानिंग करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन घरों में एसी जैसे भारी उपकरण ज्यादा चलते हैं, उनके लिए अलग लाइन की व्यवस्था हो तो बेहतर होगा

बिजली विभाग ने क्या कहा?
हालांकि विद्युत नगरीय प्रथम क्षेत्र के चीफ इंजीनियर मुनीश चोपड़ा का कहना है कि जिस किसी भी क्षेत्र से शिकायत आती है, विभाग की टीम तुरंत वहां पहुंचती है और समाधान करती है. लेकिन लोगों का कहना है कि कागज़ों पर समाधान जरूर हो जाता है, ज़मीन पर राहत महसूस नहीं होती.

homeuttar-pradesh

भीषण गर्मी में बिजली के तारों ने भी दिया धोखा! फॉल्ट से मचा हड़कंप



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *