मिर्जापुर का वो खूंखार बंदर जो महिलाओं को देख करता है अश्लील इशारे
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Kanpur News: मिर्जापुर के खूंखार ‘कलुआ’ बंदर की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी, जिसने तांत्रिक की संगत में शराब और मांस की लत के कारण 250 से अधिक लोगों पर जानलेवा हमला किया. महिलाओं और बच्चियों को निशाना बनाने वाले इस शातिर बंदर को पकड़ने के लिए फिल्मी ऑपरेशन चलाना पड़ा. स्वभाव न बदलने और महिलाओं को देखकर अश्लील इशारे करने के कारण अब इसे कानपुर चिड़ियाघर में उम्रकैद की सजा मिली है.
Kanpur News: आपने वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में कालीन भैया का खौफनाक आतंक तो देखा ही होगा, जिसके नाम से पूरा शहर कांपता था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि असल जिंदगी में भी मिर्जापुर में एक ऐसा ‘मिर्जा’ मौजूद था, जिसका नाम सुनते ही लोग अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लेते थे? फर्क सिर्फ इतना है कि यह कोई इंसानी गैंगस्टर नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर और खूंखार बंदर है. कभी मिर्जापुर की गलियों में इसका ऐसा खौफ था कि महिलाएं और बच्चे घर से बाहर कदम रखने से भी कतराते थे. वह अचानक घात लगाकर हमला करता, मासूमों के चेहरे नोच देता और पलक झपकते ही छतों के रास्ते गायब हो जाता. कानपुर प्राणी उद्यान के सरकारी रिकॉर्ड में आज भी उसका असली नाम ‘कलुआ’ दर्ज है, लेकिन उसके आतंक की दास्तान किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं है.
250 से ज्यादा लोगों पर हमला, बच्चियों को बनाता था निशाना
250 से ज्यादा लोगों पर हमला, बच्चियों को बनाता था निशानावन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक इस बंदर ने मिर्जापुर में 200 से ज्यादा लोगों को काटा था. इनमें सबसे ज्यादा महिलाएं और छोटी बच्चियां थीं. कई बच्चियों के चेहरे इतने बुरी तरह जख्मी हुए कि प्लास्टिक सर्जरी तक करानी पड़ी. बताया जाता है कि उसके हमले में एक बच्ची की मौत भी हुई थी.दिसंबर 2017 में उसका आतंक चरम पर पहुंच गया था. मोहल्लों में बच्चे बाहर खेलना बंद कर चुके थे. लोग छतों और गलियों में डंडे लेकर निकलते थे, लेकिन वह इतना चालाक था कि पकड़ में ही नहीं आता था.
तांत्रिक ने बना दिया ‘शराबी और खूंखार’
कानपुर प्राणी उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद नासिर के मुताबिक यह बंदर पहले मिर्जापुर में एक तांत्रिक के पास रहता था. तांत्रिक उसे शराब पिलाता था, मांस खिलाता था और अपने साथ रखता था. धीरे-धीरे उसकी आदतें पूरी तरह बदल गईं. इंसानों जैसी गंदी हरकतें और हिंसक व्यवहार उसमें आ गया.तांत्रिक की मौत के बाद वह खुले में आ गया और फिर लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया. डॉक्टरों का कहना है कि इंसानों की गलत संगत ने उसे बेहद हिंसक बना दिया.
दो दिन तक छकाता रहा टीम, फिर ऐसे हुआ गिरफ्तार
उसे पकड़ना भी किसी फिल्मी ऑपरेशन से कम नहीं था. कानपुर चिड़ियाघर और वन विभाग की टीम मिर्जापुर पहुंची. दो दिन तक वह टीम को छकाता रहा. बताया जाता है कि उसके साथ एक बंदरिया भी रहती थी, जो खतरा देखते ही आवाज लगाकर उसे सतर्क कर देती थी.आखिरकार बेहोशी का इंजेक्शन दागा गया. काफी मशक्कत के बाद उसे पकड़ा गया और कानपुर प्राणी उद्यान लाया गया.
महिलाओं को देखकर करता है अश्लील इशारे
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वर्षों बीतने के बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया. डॉक्टर बताते हैं कि वह आज भी पुरुषों को देखकर गुस्से में आ जाता है, जबकि महिलाओं को देखकर अजीब इशारे करता है. जैसे ही कोई महिला पिंजरे के पास आती है, वह हमला करने के लिए दौड़ पड़ता है.चिड़ियाघर कर्मचारियों का कहना है कि वह पिंजरे में बंद होने के बावजूद लगातार बड़बड़ाता रहता है और बेहद आक्रामक रहता है.
अब जिंदगी भर कानपुर में ही रहेगा ‘मिर्जा’
कानपुर प्राणी उद्यान ने कई बार उसे सामान्य करने की कोशिश की. खानपान बदला गया, दूसरे बंदरों से मिलाने की भी कोशिश हुई, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला. डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर उसे छोड़ दिया गया तो वह फिर लोगों पर हमला कर सकता है.इसी वजह से अब फैसला लिया गया है कि मिर्जापुर का यह ‘मिर्जा’ जिंदगी भर कानपुर प्राणी उद्यान में ही रहेगा. एक तरह से उसे उम्रकैद मिल चुकी है.कभी मिर्जापुर की गलियों में आतंक का दूसरा नाम रहा यह बंदर अब लोहे के पिंजरे में कैद है. लेकिन उसकी आंखों में आज भी वही गुस्सा दिखाई देता है, जिसने कभी पूरे शहर को दहशत में डाल दिया था.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें