मेरठ: आवास विकास के डिफाल्टरों की बल्ले-बल्ले, ब्याज माफी के लिए स्कीम शुरू
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OTS Scheme Meerut 2026: मेरठ आवास विकास परिषद के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. शासन के निर्देशानुसार 5 साल बाद पुनः ओटीएस (OTS) योजना लागू कर दी गई है, जिससे संपत्ति पर लगा भारी ब्याज माफ हो सकेगा. इस योजना के तहत आवासीय, व्यवसायिक और शैक्षिक संपत्तियों के डिफाल्टर मात्र 100 रुपये से 11,000 रुपये के बीच पंजीकरण कराकर लाभ उठा सकते हैं. आवेदन के लिए ऑनलाइन वेबसाइट और कार्यालय में हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है. ब्याज से मुक्ति पाने का यह सुनहरा मौका है.
OTS Scheme Meerut 2026: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में आवास विकास परिषद की प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है. वे लोग जो विपरीत परिस्थितियों के चलते अपनी संपत्तियों की तीन लगातार किस्तें जमा नहीं कर पाए थे और भारी ब्याज के बोझ तले दबे थे, उनके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने ‘वन टाइम सेटलमेंट’ यानी ओटीएस (OTS) योजना का ऐलान किया है. इस योजना के जरिए अब उपभोक्ता अपने ऊपर लगे भारी-भरकम ब्याज से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं. संपत्ति प्रबंधक सुनील कुमार शर्मा ने ‘लोकल-18’ से खास बातचीत में इस योजना के लागू होने की पुष्टि की है.
5 साल बाद दोबारा लागू हुई स्कीम
मेरठ आवास विकास परिषद के संपत्ति कार्यालय के प्रबंधक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के बाद इस लाभकारी योजना को मेरठ क्षेत्र में प्रभावी कर दिया गया है. गौरतलब है कि इससे पहले यह योजना साल 2021 में आई थी और अब पूरे 5 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा इसे शुरू किया गया है. ऐसे में जो डिफाल्टर उपभोक्ता पिछले कई सालों से ब्याज को लेकर परेशान थे, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है.
मात्र 100 रुपये से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
इस योजना का लाभ लेना बेहद आसान और किफायती रखा गया है. सुनील कुमार शर्मा के अनुसार, उपभोक्ता अपनी संपत्ति की श्रेणी के आधार पर 100 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराकर खुद को ओटीएस योजना में नामांकित कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन होते ही उन पर लगी हुई अतिरिक्त ब्याज राशि को माफ कर दिया जाएगा.
इन संपत्तियों पर मिलेगा फायदा
यह योजना केवल रिहायशी मकानों तक सीमित नहीं है. विभाग के मुताबिक: आवासीय, व्यवसायिक और शैक्षिक सभी प्रकार की संपत्तियां इसमें शामिल हैं. नीलामी और आवंटन पद्धति चाहे संपत्ति नीलामी से ली गई हो या सीधे आवंटन से, लाभ सभी को मिलेगा. इतना ही नहीं, प्रदेश और केंद्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों को आवंटित संपत्तियों पर भी यह छूट लागू होगी.
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग ने डिजिटल और फिजिकल दोनों रास्ते खुले रखे हैं. इच्छुक व्यक्ति आवास विकास परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके अलावा, जो लोग तकनीकी रूप से सहज नहीं हैं, वे सीधे मेरठ स्थित कार्यालय पहुंचकर ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
कार्यालय में स्थापित की गई हेल्प डेस्क
उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मेरठ आवास विकास कार्यालय परिसर में एक विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई गई है. यहां तैनात कर्मचारी ओटीएस योजना से संबंधित हर छोटे-बड़े सवाल का जवाब देंगे और आवेदन प्रक्रिया में मदद करेंगे. विभाग ने अपील की है कि उपभोक्ता बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें