‘यूनिवर्सिटी मिटाना मतलब मुसलमानों की…’ जौहर यूनिवर्सिटी गिराने पर भड़के ओवैसी

0
‘यूनिवर्सिटी मिटाना मतलब मुसलमानों की…’ जौहर यूनिवर्सिटी गिराने पर भड़के ओवैसी


Last Updated:

Owaisi on Jauhar University: सहारनपुर पहुंचे एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला बोला है. ओवैसी ने इसे सीधे तौर पर ‘मुसलमानों की तालीम पर हमला’ करार दिया. उन्होंने यूपी में मुसलमानों की गिरती साक्षरता दर का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने का मतलब है कि सरकार नहीं चाहती कि मुसलमान शिक्षित हों.

Zoom

जौहर यूनिवर्सिटी तोड़े जाने पर क्या बोले एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी

सहारनपुर: रामपुर स्थित आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी यूपी पॉलिटिक्स का केंद्र बन चुका है. हाल ही में यूपी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर कई सवाल उठ रहे हैं. सरकार जहां इसे कानून के दायरे में बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे सरकार की तनाशाही करार दिया है. विपक्ष का कहना है अगर ये अवैध है तो इसे रेगुलराइज करें, बच्चों का भविष्य अंधेरे में क्यों डाल रहे हैं. इसी क्रम में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसे सीधे तौर पर मुसलमानों की शिक्षा से जोड़ दिया है. सहारनपुर पहुंचे ओवैसी ने यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए.

ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा सिर्फ एक इमारत या संस्थान का नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से मुसलमानों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘अगर आप एक चलती हुई यूनिवर्सिटी को खत्म करना चाहते हैं, तो इसका सीधा सा मतलब यही है कि आप नहीं चाहते कि मुसलमान शिक्षित हों. यह कार्रवाई सीधे तौर पर मुसलमानों की तालीम पर हमला है.’

ओवैसी ने पेश किए यूपी के आंकड़े

AIMIM चीफ ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय की शिक्षा के गिरते स्तर और साक्षरता पर चिंता जताते हुए कुछ आंकड़े भी सामने रखे:

  • आबादी बनाम शिक्षा: ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की कुल आबादी करीब 19-20 प्रतिशत है, लेकिन ग्रेजुएट (स्नातक) होने वाले मुसलमानों की संख्या महज 3.5 से 3.7 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है.
  • साक्षरता दर: उन्होंने बताया कि राज्य में मुस्लिम समुदाय की साक्षरता दर लगभग 53-54 प्रतिशत ही है. महिलाओं (मुस्लिम बच्चियों) में तो यह दर और भी ज्यादा निराशाजनक है.

इमारत में कमी है तो रेगुलराइज करें, बर्बाद क्यों कर रहे?
ओवैसी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में इस वक्त करीब 3,000 छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. यदि इन इमारतों को तोड़ा जाता है, तो उन हजारों छात्रों का भविष्य रातों-रात अंधकार में चला जाएगा. उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि यदि निर्माण में किसी तरह की कोई कानूनी या प्रशासनिक दिक्कत है, तो उसे नियमित (Regularize) किया जा सकता है, लेकिन किसी भी कीमत पर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

विधायकों पर कसा तंज
मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधियों (विधायकों) की खामोशी और उनकी भूमिका पर पूछे गए एक सवाल पर ओवैसी ने तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा, ‘हमारी हमेशा से यही कोशिश है कि समाज अपना एक स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करे. सवाल सिर्फ विधायकों की संख्या का नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि वे कितने स्वतंत्र हैं? क्या वे अपने जमीर की आवाज को खुलकर उठा सकते हैं?’

इस दौरान ओवैसी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब से भी कभी ऐसे ‘मूक’ जनप्रतिनिधियों को लेकर सवाल पूछा गया था. तब बाबा साहेब ने जवाब दिया था, ‘वे सिर्फ अपना मुंह अंगड़ाई लेने (उबासी लेने) के लिए खोलते हैं.’ ओवैसी ने कहा कि खामोश रहने वाले विधायकों पर बाबा साहेब की यह टिप्पणी आज के दौर में भी पूरी तरह सटीक और प्रासंगिक बैठती है.

About the Author

authorimg

Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *