यूपी में यहां हैं मेहंदीपुर बाला जी के बड़े भाई के रूप में हनुमान, जानें मान्यता
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Mathura news today in hindi: इस महाप्रसाद को पाने वाले भक्तगण खुद को सौभाग्यशाली समझते हैं. पंचामृत अभिषेक के बाद….
मेहंदीपुर बालाजी के बड़े भाई के रूप में मंदिर में प्रतिष्ठित है
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में गूजरघाटी वाले हनुमान के नाम से मशहूर मंदिर है. इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता इसलिए है क्योंकि कहा जाता है कि यहां हनुमान स्वयं प्रकट हुए हैं और मेहंदीपुर बालाजी के बड़े भाई के रूप में मंदिर में प्रतिष्ठित हैं. हर दिन हजारों की संख्या में भक्त मेहंदीपुर बालाजी के बड़े भाई के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं. जिस भक्त की मनोकामना पूर्ण हो जाती है वह हनुमान जी को श्रद्धानुसार भोग चढ़ाता है.
कृष्णनगरी मथुरा के गूजरघाटी इलाके में हनुमान का बेहद प्राचीन मंदिर है, जो शहर में गूजरघाटी वाले हनुमान के नाम से मशहूर है. इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है क्योंकि यहां हनुमान स्वयं प्रकट हुए हैं. मेहंदीपुर बालाजी के बड़े भाई के रूप में मंदिर में प्रतिष्ठित हैं. वैसे तो हर रोज ही गूजरघाटी वाले हनुमान की पूजा के लिए मंदिर में भक्तो की भीड़ रहती है, लेकिन हनुमान जयंती के दिन मानो यहां पूरा शहर ही उमड़ पड़ता है. वजह है इस दिन यहां होने वाला हनुमान का विशेष पंचामृत अभिषेक.
इस बार हनुमान जयंती के मौके पर दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और गंगाजल से बने 375 किलो पंचामृत से गूजरघाटी वाले हनुमान का महाभिषेक किया गया. गुर्जर घाटी वाले हनुमान मंदिर के सेवायत पुजारी बलदेवप्रसाद व्यास ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि हनुमान जयंती के मौके पर अपने आराध्य के दर्शन करने और इस महाभिषेक को देखने के लिए सुबह से ही मंदिर में भारी भीड़ लगी रही. हर कोई इस महाभिषेक का दर्शन कर खुद को धन्य करना चाहता था.
मनौती पूरी होने पर भक्त चढ़ाते हैं प्रसाद
इस महाभिषेक के बाद पंचामृत को यहां उपस्थित भक्तगणों में प्रसाद के रूप में बांट दिया जाता है. इस महाप्रसाद को पाने वाले भक्तगण खुद को सौभाग्यशाली समझते हैं. पंचामृत अभिषेक के बाद गूजरघाटी वाले हुनमान को चोला चढ़ाया जायेगा. शाम को विशेष श्रृंगार और भव्य छप्पनभोग के दर्शन हुए. यहां आने वाले हर भक्त की एक अपनी ही अलग आस्था हनुमान जी के मंदिर के प्रति होती है. यहां जो भी भक्त आता है वह सियापति रामचंद्र से अपने मन की अरदास लगता है. हनुमान जी महाराज जी भक्त की अरदास को सुनकर उसकी मनौती पूरी कर देते हैं. यहां आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ के अनुसार उन्हें प्रसादी लाते हैं.