विधायकी जाने पर अब्बास अंसारी के वकील ने उठाए सवाल, कहा- जब सबकुछ 1 बजे बंद हो जाता है तो…
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Abbas Ansari News: हेट स्पीच मामले में कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म कर दी गई है. वहीं इस फैसले पर अब्बास अंसारी के वकील ने सवाल उठाया है.
अब्बास अंसारी के वकील ने उठाए सवाल.
हाइलाइट्स
- अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म की गई.
- वकील ने सजा के समय पर सवाल उठाए.
- अंसारी को हेट स्पीच मामले में 2 साल की सजा.
लखनऊः नफरत भरा भाषण देने के मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की मऊ सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई है. वहीं इस फैसले पर अब्बास अंसारी के अधिवक्ता ने सवाल उठाया है. अधिवक्ता दरोगा सिंह ने कहा, ‘शनिवार 2:00 बजे उनको सजा सुनाई गई. जबकि न्यायालय 1:00 का ही होता है. करीब 2:30 बजे तक अब्बास अंसारी को सजा सुनाई गई है. कल जो आदेश हुआ है, उसके खिलाफ हम अपील करेंगे और बिना सेटिस्फाइड कॉपी के ही सदस्यता निरस्त कर दी गई. जबकि रविवार को सब बंद रहता है.’
अब्बास अंसारी की चली गई सदस्यता
वहीं विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है और मऊ सदर सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है. मऊ सदर सीट से सुभासपा के विधायक और पूर्व बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने नफरत भरे भाषण के मामले में दोषी करार देते हुए शनिवार को दो साल की सजा सुनायी थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान मऊ सदर सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे अब्बास अंसारी ने तीन मार्च 2022 को पहाड़पुर मैदान में एक जनसभा के दौरान मऊ प्रशासन को चुनाव के बाद सबक सिखाने की धमकी दी थी.
दोषी ठहराए गए अब्बास अंसारी
बचाव पक्ष के वकील दारोगा सिंह के मुताबिक इस मामले में अंसारी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 189 (लोक सेवक को क्षति पहुंचाने की धमकी), 153 ए (धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास और भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव को बिगाड़ना), 171 एफ (चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना) और 506 (आपराधिक धमकी देना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. सिंह के अनुसार विशेष एमपी-एमएलए अदालत के न्यायाधीश के.पी. सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शनिवार को अब्बास अंसारी को दोषी ठहराया और धारा 189 तथा 153 ए के तहत दो-दो साल, धारा 506 के तहत एक साल और धारा 171 एफ के तहत छह महीने कैद की सजा सुनायी. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. अंसारी पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
अब्बास अंसारी को मिली जमानत
उन्होंने बताया कि विशेष अदालत के इस आदेश को सत्र अदालत में चुनौती दी जाएगी. फिलहाल अब्बास अंसारी की अस्थायी जमानत मिल गयी है. सजा सुनाये जाने के बाद अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता समाप्त होना तय हो गया था. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अदालत द्वारा दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाये जाने पर विधायी सदन की सदस्यता समाप्त किये जाने का प्रावधान है. अब्बास अंसारी वर्ष 2022 में मऊ सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन के तहत सुभासपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे. सुभासपा वर्तमान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन सरकार की सहयोगी है और पार्टी के अध्यक्ष प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उससे पहले अब्बास अंसारी के पिता बाहुबली मुख्तार अंसारी ने एक लम्बे अर्से तक मऊ सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था.
Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ें
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