सड़क बनी तो बदली महाराजगंज के इन गांवों की तकदीर, अब आसमान छू रही जमीन की कीमत
Last Updated:
Maharajganj News: महराजगंज के एक गांव में बनी सड़क ने सीमावर्ती गांवों की तस्वीर बदल दी है. पहले जहां आवागमन और खेती में काफी दिक्कत होती थी, वहीं अब व्यापार और संपर्क आसान हो गया है. सड़क बनने के बाद आसपास की जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ी है. आइए यहां की वर्तमान स्थिति के बारे में जानते हैं.
महराजगंज: उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला पड़ोसी देश नेपाल के साथ लगा हुआ जिला है. इन सीमावर्ती क्षेत्रों की बात करें तो महराजगंज जिले का एक बड़ा हिस्सा इंडो नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में आता है. इसके साथ ही जिले की एक बड़ी आबादी इन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहती है. एक समय ऐसा था जब इन सीमावर्ती क्षेत्रों को पिछड़े और दुर्गम इलाकों के रूप में माना जाता था, जहां पहुंचना काफी दुर्लभ हो जाता था. इन क्षेत्रों के खराब रास्ते और बुनियादी सुविधाओं के अभाव की वजह से यहां खेती किसानी के साथ-साथ व्यापार और दैनिक जीवन भी बहुत प्रभावित था, लेकिन समय ने करवट ली और इन क्षेत्रों की स्थिति बदलने लगी.
जिले के इंडो नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में ठूठीबारी से झूलनीपुर बॉर्डर तक बनी एक सड़क ने यहां के गांवों की तस्वीर बदल दी है. सड़क निर्माण के बाद से पूरे क्षेत्र में बदलाव का दौर देखने को मिल रहा है. इन क्षेत्रों में पहले खेती करना बेहद कठिन माना जाता था, क्योंकि बरसात के समय में रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते थे. वहीं इन क्षेत्रों में बाढ़ की समस्या भी होती थी.
रोड बन जाने से बदलने लगी तस्वीर
महराजगंज जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के खेतों की स्थिति कुछ ऐसी थी कि धान की खेती के समय में उपज न के बराबर थी और इसकी वजह से गांव का विकास भी नहीं हुआ था. इन क्षेत्रों के जमीनों की कीमत भी काफी कम थे. इसकी वजह थी जिले के मुख्यधारा से इन क्षेत्रों का दूर होना, जिसकी वजह से यह क्षेत्र काफी पिछड़ा था. जब से इस क्षेत्र में रोड बना है और लोगों का आवागमन बड़ा है, तब से यहां के हालात बदलने लगे हैं.
इसके साथ ही अब इन क्षेत्रों के गांव तक पहुंचना काफी आसान हो गया है और लोग बिना किसी परेशानी के बड़े बाजारों और शहरों तक पहुंच सकते हैं. जिन खेतों में पहले कोई उपज नहीं होती थी, वहां अब अच्छी फसल भी होती है. इसकी वजह से जिन जमीनों की कीमत बहुत कम थी, उनकी कीमतें आसमान छूने लगी हैं. एक समय ऐसा था जब लोग यहां खेती करने से कतराते थे, तो वहीं अब स्थिति बदल चुकी है और लोग पारंपरिक खेती के साथ-साथ प्रगतिशील खेती के साथ भी जुड़कर कृषि के क्षेत्र में नया आयाम बना रहे हैं.
सड़क के बन जाने से रोजगार के खुले रास्ते
महराजगंज के सीमावर्ती क्षेत्र में इस सड़क के बन जाने से व्यापारिक गतिविधियों में भी बदलाव देखने को मिला है और इसके साथ ही आवाजाही बढ़ी है, जिससे छोटे व्यापारियों को फायदा मिलता है. स्थानीय दुकानदारों को और यहां के किसानों को कोई भी सामान बड़े बाजारों से लाने में दिक्कत नहीं होती है. इसके साथ ही समय और लागत दोनों की बचत देखने को मिलती है.
सड़क के निर्माण हो जाने के बाद से यहां के जमीनों की कीमतों में भी काफी बदलाव देखने को मिला है. जो जमीन पहले बहुत ही कम रुपए में बिकती थी, अब उनकी कीमतों में कई गुना तक का इजाफा हुआ है. सड़क ने रोजगार के नए अवसर का विस्तार किए और बेहतर कनेक्टिविटी होने की वजह से इन क्षेत्रों में लोग व्यापार, पर्यटन और अन्य दूसरे उद्देश्य से भी यहां पर आते हैं.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.