सावधान किसान! ये अनचाही घास आपकी कमाई पर डाल रही डाका, जानिए आसान टिप्स
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जिसे आप खेत की साधारण घास समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वही खरपतवार आपकी फसल की सेहत पर बड़ा हमला कर रही है. ये अनचाहे पौधे मिट्टी से 40% तक पोषक तत्व खींच लेते हैं और फसल की शुरुआती बढ़त को कमजोर बना देते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई के बाद के 30-45 दिन सबसे अहम होते हैं, जब समय पर निराई-गुड़ाई कर किसान अपनी पैदावार और मेहनत दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं.
शाहजहांपुर. भारतीय कृषि में किसान अक्सर बीज और खाद पर तो भारी खर्च करते हैं, लेकिन खेत में छिपे ‘गुप्त शत्रुओं’ यानी खरपतवार को नजरअंदाज कर देते हैं. शोध के बाद कृषि विशेषज्ञों चेतावनी दी है कि ये अनचाहे पौधे आपकी मुख्य फसल से 40% तक पोषक तत्व छीन लेते हैं. यह न केवल फसल की ग्रोथ को रोकते हैं, बल्कि धूप, पानी और स्थान के लिए भी कड़ा मुकाबला करता है. यदि समय रहते इनका प्रबंधन न किया जाए, तो फसल कमजोर पड़ जाती है और कीटों का घर बन जाती है. अपनी मेहनत की कमाई बचाने के लिए अब किसानों को सचेत होने की जरूरत है.
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात कृषि एक्सपर्ट डॉ. हादी हुसैन खान ने बताया कि खरपतवार केवल अनावश्यक पौधे नहीं हैं, बल्कि वे फसल के विकास में सबसे बड़ी बाधा हैं. वे मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का एक बड़ा हिस्सा खुद सोख लेते हैं. एक्सपर्ट ने बताया कि फसल चक्र के शुरुआती 30-45 दिन ‘क्रांतिकारी अवस्था’ होते हैं, जिसमें निराई-गुड़ाई जरूरी है. नहीं तो ये खरपतवार कई विनाशकारी कीटों और कवक रोगों को आश्रय देते हैं, जो बाद में पूरी फसल को तबाह कर सकते हैं.
संसाधनों की छीना-झपटी और प्रभाव
खरपतवार मुख्य फसल के सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी होते हैं. जब एक किसान खेत में खाद डालता है या सिंचाई करता है, तो उसका एक बड़ा हिस्सा ये अनचाहे पौधे हड़प जाते हैं. इससे मुख्य पौधे को पर्याप्त धूप और जगह नहीं मिल पाती, जिससे उसका प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है. परिणाम स्वरूप, फसल की गुणवत्ता गिर जाती है और अनाज के दाने छोटे या खोखले रह जाते हैं, जो सीधे किसान की आर्थिक स्थिति पर प्रहार करता है.
रोगों का नियंत्रण और समाधान
पोषक तत्वों की चोरी के अलावा, खरपतवार खेत में कीटों और बीमारियों के लिए ‘नर्सरी’ का काम करते हैं. कई हानिकारक वायरस और फफूंद इन खरपतवारों पर जीवित रहते हैं और मौका मिलते ही फसल पर हमला कर देते हैं. इसलिए, केवल रसायनों पर निर्भर रहने के बजाय, समय पर निराई-गुड़ाई करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है. यह न केवल खरपतवारों को खत्म करता है, बल्कि मिट्टी में हवा के संचार को भी बढ़ाता है, जिससे जड़ें मजबूत होती हैं.
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