10 हजार से शुरू, अब हर महीने ₹60,000 कमाई! आलू के इस बिजनेस ने बदली महिलाओं की जिंदगी

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10 हजार से शुरू, अब हर महीने ₹60,000 कमाई! आलू के इस बिजनेस ने बदली महिलाओं की जिंदगी


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Potato Papad Making Business: फर्रुखाबाद का आलू अब केवल खेतों में नहीं, बल्कि महिलाओं की तरक्की के रास्ते खोल रहा है. यहां की रहने वाली प्रतिभा ने अपनी रसोई से आलू के पापड़ और चिप्स बनाने का छोटा सा सफर शुरू किया था, वो आज एक सफल व्यापार बन चुका है. महज 15 हजार रुपये से शुरू हुआ यह काम आज 60 हजार रुपये महीने तक की कमाई दे रहा है. प्रतिभा ने न केवल खुद को आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि अपने साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना दिया है. शुद्ध मसालों और सेंधा नमक से तैयार इनके पापड़ अब बड़े-बड़े मॉल और दुकानों की शोभा बढ़ा रहे हैं.

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश का फर्रुखाबाद जिला अपनी उपजाऊ जमीन और आलू की पैदावार के लिए मशहूर है. लेकिन अब यहां का आलू सिर्फ सब्जी बनाने के काम नहीं आ रहा, बल्कि महिलाओं को लखपति बनाने का जरिया भी बन गया है. घर पर तैयार किए जाने वाले आलू के पापड़ और चिप्स ने कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बदल दी है. कम लागत में शुरू हुए इस छोटे से घरेलू काम ने अब एक बड़े कारोबार की शक्ल ले ली है, जिससे महिलाओं को समाज में एक नई पहचान मिली है.

फर्रुखाबाद की रहने वाली स्थानीय महिला उद्यमी प्रतिभा बताती हैं कि हर आम भारतीय घर की तरह उनके घर में भी आलू के चिप्स और पापड़ बड़े शौक से बनाए और खाए जाते थे. घर आए मेहमानों ने जब उनके हाथ के बने पापड़ों का स्वाद चखा और तारीफ की, जिसके बाद प्रतिभा के मन में इसे बिजनेस बनाने का ख्याल आया. उन्होंने सोचा कि क्यों न इस हुनर को कमाई का जरिया बनाया जाए. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने इस काम की नींव रखी, जिसने उन्हें आज आर्थिक रूप से पूरी तरह सशक्त बना दिया है.

मात्र 15 हजार की लागत में लाखों का टर्नओवर
बिजनेस के बारे में प्रतिभा ने बताया कि चिप्स और पापड़ का काम शुरू करने में बहुत ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं पड़ती. करीब 10,000 से 15,000 रुपये की शुरुआती लागत से यह काम बढ़िया तरीके से शुरू किया जा सकता है. प्रतिभा के अनुसार, आज उनकी मेहनत का नतीजा यह है कि उनका मासिक टर्नओवर 50,000 से 60,000 रुपये तक पहुंच गया है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस काम के जरिए उन्होंने अन्य महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा है, जिससे उन्हें भी रोजगार और आर्थिक लाभ मिल रहा है.

दुकानों से लेकर मॉल तक सप्लाई
प्रतिभा के बनाए चिप्स और पापड़ अब केवल आसपास के घरों तक सीमित नहीं हैं. इनके स्वाद और शुद्धता की वजह से फर्रुखाबाद जिले की कई बड़ी निजी दुकानों और नामी मॉल में इनकी सप्लाई हो रही है. लोग अब दूर-दराज से इनके पास ऑर्डर देने आते हैं. इतना ही नहीं वह खुद भी अपने घर से लोगों को ये उत्पाद बेचती हैं. आलू की खेती से शुरू हुआ यह सफर अब रसोई से होते हुए बड़े बाजारों तक पहुंच गया है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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