100 कमरे, सैकड़ों लोग… नोएडा के मामूरा में जहां लगी आग वहां का डराने वाला सच
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Noida Mamura Village Fire Case: नोएडा के ममूरा गांव में एक 5 मंजिला में आग लगने की घटना बुधवार को सामने आई. लेकिन क्या आप जानते हैं ममूरा गांव में जो गलियां है वो बेहद ही सकरी है. साथ ही यहां 100 कमरे के फलैट्स बने हुए हैं जिनमें सैंकड़ों लोग रहते हैं लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई भी व्यवस्था नहीं है.
ममूरा गांव में लगी आग.
नोएडा: यूपी में नोएडा के मामूरा इलाके में पांच मंजिला इमारत में आग लगी है. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वहां रहने वाले लोगों की जान किसी तरह बच गई. लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसी इमारतों पर कार्रवाई कब होगी? न्यूज़18 डिजिटल की टीम जब मौके पर पहुंची तो सामने आया कि यहां की संकरी गलियों में फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी का पहुंचना भी आसान नहीं है.
मामूरा की गलियों में जैसे-जैसे अंदर बढ़ते हैं, रास्ता और संकरा होता जाता है. कई जगह दुकानदारों ने सड़क तक अतिक्रमण कर रखा है. ऐसे में अगर किसी बिल्डिंग में आग लग जाए तो दमकल की गाड़ी अंदर तक पहुंच ही नहीं सकती. यही वजह है कि किसी भी बड़े हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो जाता है.
चार-पांच मंजिला इमारतें, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं
इन गलियों में बड़ी संख्या में चार और पांच मंजिला इमारतें खड़ी हैं. कई बिल्डिंगों में 70 से 100 तक कमरे बने हुए हैं, जहां सैकड़ों लोग किराए पर रहते हैं. इनमें नौकरी करने वाले युवा, छात्र और परिवार भी शामिल हैं. लेकिन ज्यादातर इमारतों में न फायर फाइटिंग सिस्टम है, न इमरजेंसी एग्जिट और न ही आग लगने की स्थिति से निपटने की कोई तैयारी.
आग लगी तो लोग जान बचाने के लिए कूदे
हाल ही में जिस बिल्डिंग में आग लगी, वहां ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग में इलेक्ट्रिक बाइक चार्ज की जा रही थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक चार्जिंग के दौरान स्पार्क हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई. पार्किंग में खड़ी करीब 17 दोपहिया गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं और पूरी पार्किंग जलकर खाक हो गई. आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपर रहने वाले लोगों के पास बाहर निकलने का रास्ता नहीं बचा. कई लोगों ने पड़ोस की बिल्डिंग में छलांग लगाकर जान बचाई, जबकि कई लोगों को मजदूरों ने सीढ़ी लगाकर बाहर निकाला.
पार्किंग के अंदर सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं
अंदर का हिस्सा आग से पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आया. वहां फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं मिले. न फायर एक्सटिंग्विशर, न अलार्म सिस्टम और न ही आग बुझाने का कोई दूसरा साधन दिखाई दिया.
योगी सरकार के आदेश के बाद भी क्यों नहीं हुई जांच?
हाल के दिनों में नोएडा और आसपास आग लगने की कई घटनाओं के बाद योगी सरकार ने दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियों को इमारतों का निरीक्षण करने और सुरक्षा इंतजामों की जांच के निर्देश दिए थे. लेकिन मामूरा जैसे इलाकों की हालत देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन आदेशों का पालन क्यों नहीं हुआ?
सैकड़ों लोगों की जान खतरे में
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके की कई इमारतों में दर्जनों कमरे हैं, लेकिन न कोई चौकीदार रहता है और न ही सुरक्षा व्यवस्था है. अगर पार्किंग में मौजूद किसी कर्मचारी या चौकीदार को समय रहते आग का पता चल जाता तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें