12 महीने नींबू ही नींबू…ये असली बारहमासी धंधा, एक बार लगाओ, 30 साल तक छापों नोटों की गड्डी
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Lemon farming tips : एक बार पौधा लगाने के बाद हर 3 महीने में इसकी तुड़ाई कर सकते हैं. 12 महीने फल निकलते रहते हैं. किसानों को बार-बार नई फसल लगाने की झंझट नहीं उठानी पड़ेगी.
गाजीपुर. नींबू की बात हो तो दिमाग में अक्सर बड़ा, गोल और रसदार नींबू आता है. लेकिन जरा ठहरिए! हजारी नींबू की यह किस्म कुछ हटकर है. छोटे-छोटे साइज में आने वाला यह नींबू भले ही मिनी लगे, लेकिन रस इतना होता है कि एक नींबू ही चाय का पूरा स्वाद बदल दे. गाजीपुर की ग्रीन गार्डन नर्सरी जो कचहरी के पास स्थित है. यहां इस नींबू की पौध तैयार की जा रही है. आजाद अली बागवान हैं, वह इस नींबू की खासियत बताते हैं.
छोटा पैकेट, बड़ा धमाका
बागवान आजाद अली कहते हैं कि हजारी नींबू का साइज छोटा जरूर है, लेकिन रस की मात्रा कमाल की होती है. बाजार में लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि इसका स्वाद ताजा और खट्टा होता है. चाय, स्क्वैश और पेय पदार्थों में यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. हां, अचार बनाने में काम नहीं आता, क्योंकि साइज बहुत छोटा है. इस नींबू की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बारहमासी है. यानी पेड़ पर 12 महीने फूल खिलते रहते हैं. किसान को बार-बार नई फसल लगाने की झंझट नहीं. एक बार पौधा लगाया और 30 साल तक आराम से फल मिलता रहेगा.
खर्च कम, कमाई ज्यादा
इसकी खेती में लागत मामूली है और पैदावार शानदार. एक एकड़ में 70-100 क्विंटल नींबू तक निकल आते हैं. साल में 3-4 बार तुड़ाई होती है और हर बार किसान की जेब भरी रहती है. एक ही पेड़ पर नई कली, फूल और पका हुआ नींबू- तीनों एक साथ देख सकते हैं. इस नींबू का छिलका पतला होता है. एक ओर फूल खिलता है दूसरी साइड नींबू भी उगता है. हजारी नींबू की मार्केट में हमेशा तगड़ी डिमांड रहती है. दूसरे नींबू से ज्यादा दाम मिलता है. ये नींबू धीरे-धीरे किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है.