38 सालों तक यूपी पुलिस ने संभाला कचरा, अब जाकर किया नष्ट, मालखाने में जमा कर रखा था कबाड़!
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उत्तर प्रदेश पुलिस कुछ भी कर सकती है. इसका ताजातरीन उदाहरण सहारनपुर में देखने को मिला, जहां पुलिस ने पिछले 38 सालों से हथियार के नाम पर जमा कबाड़ को नष्ट किया. इसमें कई कारतूस, तमंचे और चाकू-छुरी शामिल है.
1987 से 2000 के बीच के हथियार करवाए गए नष्ट (इमेज- फाइल फोटो)
भारत में पुलिस अब काफी एडवांस हो गई है. चोरों के अंदर खौफ और डर का माहौल पैदा करने के लिए पुलिस विभाग को लेटेस्ट हथियारों से अपडेट किया जाता है. रिवॉल्वर से लेकर कारतूस भी लेटेस्ट जमाने वाले दिए जाते हैं. लेकिन लगता है यूपी पुलिस को अभी भी पुराने हथियारों का ही इस्तेमाल करना पसंद है. शायद इसलिए उन्होंन 1987 के जमाने के हथियार अभी भी अपने पास जमा कर रखे थे.
सहारनपुर पुलिस के पास से 1987 के हथियारों का जख़ीर मिला, जिसे अब जाकर नष्ट करवाया गया है. इतने सालों से पुलिस विभाग इन्हें सहेज कर रखे थी. इसमें ऐसे-ऐसे हथियार भी शामिल हैं, जिनपर अब जंग लग गई थी. इसमें हजारों की संख्या में कारतूस, कई तमंचे शामिल हैं. अगर इनका अब इस्तेमाल किया जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था. लेकिन सहारनपुर पुलिस के इस खजाने को नष्ट करवा दिया गया. इसका उपयोग करना गैर कानूनी था.
आखिर कहां से आया ये कबाड़?
सहारनपुर पुलिस को विभाग की तरफ से नए हथियार सप्लाई किए जाते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि उनके पास इतने पुराने हथियार आए कहां से? दरअसल, ये हथियार पुलिस के पास जमा हुए थे. अवैध हथियारों की स्मगलिंग या किसी अपराधी के पास से जब्त किए गए इन हथियारों को पुलिस अपने पास रख लेती है. ऐसे में मालखाने में इतने सारे हथियार जमा हो गए थे. जब और हथियार रखने के लिए मालखाने में जगह कम पड़ने लगी, तब जाकर अदालत ने इन्हें नष्ट करने का आदेश दिया. जिसके बाद कार्यवाई करते हुए रविवार को सारे हथियार नष्ट किए गए.
अभी भी रखे हैं कई हथियार
पुलिस के मालखाने में रखे इन हथियारों में से कई से जुड़े मामले अदालत में चल ही रहे हैं. ऐसे में ये हथियार सबूत के तौर पर जमा हैं. लेकिन अदालत ने 1987 से 2000 के बीच के जमा किए गए हथियारों को नष्ट करने का आदेश दिया, जिसकी वजह से 1300 तमंचे, 2300 कारतूस और 2861 चाकू और छुरी को नष्ट करवाया गया. इसके बाद भी 2000 के बाद से अभी तक के कई हथियार मालखाने में पड़े हुए हैं.