45 डिग्री की गर्मी में 6-6 घंटे कटौती, चंदौली के बबुरी में गहराया बिजली संकट
चंदौली: जिले के बबुरी क्षेत्र में बिजली संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है. भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही लंबी बिजली कटौती ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगाड़ दी है. हालात ऐसे हैं कि रात में कई-कई घंटे बिजली गायब रहने से लोग सो नहीं पा रहे हैं और दिन में थकान के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है.
इस समय जिले में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है. गर्म हवाओं और उमस भरी रातों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं. बबुरी क्षेत्र में रात के समय 5 से 6 घंटे तक बिजली गायब रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि यह कटौती कुछ मिनटों की नहीं बल्कि पूरी रात को प्रभावित करने वाली लंबी कटौती है. बबुरी पावर हाउस के बाहर हाल ही में स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी दिया था. लोगों को उम्मीद थी कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति में सुधार होगा, लेकिन अगले ही दिन हालात जस के तस बने रहे. क्षेत्र में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है.
बिजली का इंतजार कर रहे हैं लोग
स्थानीय निवासी शिवम कुमार चौबे ने लोकल 18 से बताया कि बिजली की स्थिति पहले जैसी थी, वैसी ही आज भी बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बिजली संकट के कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं. रातभर बिजली का इंतजार करते-करते सुबह हो जाती है. उन्होंने कहा कि जब आदमी पूरी रात जागेगा, तो दिन में सोएगा और दिन में सोएगा, तो काम कब करेगा. इससे लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है.
कब आएगी बिजली कोई गारंटी नहीं
वहीं, ग्राम बजहा निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से लगातार भारी कटौती हो रही है. उन्होंने कहा कि रात में जैसे ही लोग सोने जाते हैं, बिजली चली जाती है और फिर कब आएगी इसकी कोई गारंटी नहीं रहती. लोगों ने इनवर्टर लगाए हैं, लेकिन लगातार कटौती के कारण वे भी जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन अब किसानों को खेती-किसानी के काम में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान निकाला जाए.
पैसे देकर मोबाइल करवा रहे हैं चार्ज
स्थानीय युवाओं में भी बिजली संकट को लेकर भारी नाराजगी है. अजय यादव ने लोकल 18 से बताया कि अभी तक कोई सुधार देखने को नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे घरों या दुकानों का सहारा ले रहे हैं. कई लोग पैसे देकर मोबाइल चार्ज करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिजली की कमी के कारण घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं. कई परिवारों को खाना बनाने तक में परेशानी हो रही है. क्षेत्र में गैस और बिजली दोनों समस्याएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं. अधिकारियों के दौरे और आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है.
शाम होते ही शुरू हो जाती है कटौती
स्थानीय व्यापारी महेंद्र सेठ ने लोकल 18 से बताया कि बबुरी में लगभग एक महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है. दिन में किसी तरह बिजली रहती है, लेकिन शाम होते ही कटौती शुरू हो जाती है. उन्होंने कहा कि सूर्यास्त के बाद बबुरी की लाइन जैसे गायब हो जाती है. महेंद्र सेठ ने कहा कि रात में उमस और गर्मी के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है. लोगों को यह भरोसा नहीं रहता कि बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी. उन्होंने सरकार के उस आदेश का जिक्र किया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
कारोबार पर पड़ रहा है सीधा असर
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार 18 घंटे बिजली देने की बात कहती है, तो बबुरी की जनता को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं न कहीं बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है और इसकी जांच होनी चाहिए. व्यापारियों का कहना है कि बिजली संकट का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है. दिनभर दुकान चलाने के बाद रात में आराम तक नहीं मिल पा रहा है. दुकानदारों का कहना है कि अगर रातभर नींद नहीं मिलेगी, तो अगले दिन व्यापार कैसे होगा. किसानों और छोटे व्यापारियों दोनों की स्थिति खराब होती जा रही है.
आखिर कब मिलेगी इस संकट से राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने और धरना-प्रदर्शन के बावजूद हालात नहीं बदले हैं. लोगों की मांग है कि बिजली विभाग और प्रशासन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके. बता दें कि बबुरी क्षेत्र में बढ़ते बिजली संकट ने अब जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है. रातभर की कटौती, खराब दिनचर्या, बच्चों की पढ़ाई में बाधा, किसानों की परेशानी और व्यापारियों की चिंता ने इस समस्या को गंभीर बना दिया है. अब क्षेत्र की जनता की निगाहें प्रशासन और बिजली विभाग पर टिकी हैं कि आखिर कब इस संकट से राहत मिलेगी.