45 हजार कमा रहीं प्रोफेशनल मेड, 1500 में काम तलाश रहीं कॉलोनियों की ‘दाइयां’
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ऑनलाइन मेड बुलवा रहे हैं या मोहल्ले में तलाशकर… अगर आपको भी इनकी कमाई का अंतर नहीं पता तो जान लीजिए. जो मेड आप मुहल्ले से बुला रहे हैं, उसकी कमाई के मुकाबले ऑनलाइन तीन से चार गुना ज्यादा कमा रही है. इस ग्राउंड रिपोर्ट में आप खुद उन मेड से जानें अंतर…
सुमित राजपूत/नोएडा: आज के समय में मेट्रो या अर्बन सिटी में किसी घरेलू सहायिका को बुलाकर किसी घरेलू काम को कराना कोई बड़ी बात नहीं है. किसी मेड को अपने घर किसी घरेलू काम के लिए बुला सकते हैं. अगर हम बात नोएडा शहर की करें तो यहां ऑफलाइन और ऑनलाइन के माध्यम से काम करने वालों की तनख्वाह और कमाई में जमीन- आसमान का अंतर देखने को मिला है. हमने कुछ घरेलू सहायिकाओं से बात की और उनसे पूरी स्थिति को समझा…
नोएडा शहर में घरेलू सहायिकाओं की कमाई में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. एक साथ तीन से चार घरों में काम करने वाली घरेलू सहायिका रोशनी और सोनी का कहना है कि वह पिछले 6 से 7 साल से नोएडा के घरों में मेड का काम करती है. एक घर से कोई फिक्स नहीं है. कोई 1500 दे देता है तो कोई 2000 और 2500. कुछ 3000 रुपए भी दे देते हैं. वह एक-एक दिन में तीन से चार घरों में काम करती हैं और इस तरह उनके महीना का करीब 12 हजार से 15000 पड़ जाता है.
कुछ इस तरह चल रहा इनका घर
रोशनी और सोनी बताती हैं कि इतने रुपए में हम किस तरह अपना घर चलते हैं, हम ही जानते हैं. हमारे बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं. प्राइवेट स्कूल की हमारी हैसियत नहीं है. कोई परेशानी और बीमारी हो जाए तो हमें कर्ज भी लेना पड़ जाता है. कुछ इस तरह चल रही है हमारी जिंदगी. रोशनी ने कहा, हम पढ़े-लिखे नहीं हैं मोबाइल उतना चलाना नहीं जानते, जिससे हम किसी ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर मेड का या घरेलू सहायिका का काम नहीं कर सकते.
ऑनलाइन घरेलू सहायिका कमा रही कई गुना ज्यादा
सोनी और रोशनी ने बताया कि ऑनलाइन अगर कोई जाता है तो उसे 100 से 200 रुपये हर घंटे मिलते हैं. इतना ही नहीं, जितने घंटे वह रुकते हैं, उतने घंटे का चार्ज लगता है. इससे अच्छी कमाई हो जाती है. अगर महीने के कमाई में अंतर देखें तो हम सिर्फ 12 से 15000 ही कमा पाते हैं जबकि ऑनलाइन के माध्यम से जा रही मेड 40 से 45000 रुपये तक कमा लेती हैं. उनका कहना है कि गेहूं की कटाई, गैस की किल्लत और पश्चिम बंगाल में चुनाव की वजह से बहुत सारे लोग घर चले गए हैं. इसके बाद भी ऑफलाइन घरेलू सहायिकाओं की तनख्वाह में कोई न बढ़ोतरी नहीं की गई. जबकि ऑनलाइन मेड का काम करने जा रही महिलाओं की बल्ले-बल्ले हैं.
ऑनलाइन मेड पड़ जाती हैं सस्ती
हमने नोएडा निवासी तनु से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके घर में जो मेड आती है वो पहली से काम करती है. और हम 4 हजार रुपए देते हैं. वही अगर बात ऑनलाइन के माध्यम से बुलाने की बात करें तो तो वो 100 से 200 रुपये चार्ज करती हैं, और सबसे बड़ी बात वो उतना ही काम करेगी जितना वो तय करेगी और थोड़ी भी देरी होने पर उसका भी चार्ज वसूलेगी.