7 करोड़ का रनिंग ट्रैक बना तालाब! बारिश में पानी-पानी हुआ सहारनपुर का स्पोर्ट्स स्टेडियम
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Saharanpur News: सहारनपुर के डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बना सिंथेटिक रनिंग ट्रैक जलभराव की वजह से बर्बाद हो रहा है. जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण कई घंटे की बारिश के बाद पूरा स्टेडियम तालाब बन गया है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रैक पानी में तैरता नजर आ रहा है. इस रिपोर्ट में देखिए कैसे अधिकारियों की लापरवाही से खिलाड़ियों का भविष्य और करोड़ों का ट्रैक दांव पर लगा है.
सहारनपुर: यूपी के सहारनपुर स्थित डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम एक ऐसी जगह है, जहां से तैयारी करके खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचते हैं और देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हैं. लेकिन आज यही स्पोर्ट्स स्टेडियम बदहाली के आंसू बहा रहा है. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यहां लगभग 7 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक शानदार सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बनाया गया था. मगर पानी की निकासी का कोई इंतजाम न होने की वजह से, सहारनपुर में हुई कई घंटों की लगातार बारिश के बाद यह पूरा ट्रैक पानी में डूब गया है. पूरा स्टेडियम इस समय तालाब में तब्दील हो चुका है और करोड़ों की लागत से बना यह सिंथेटिक ट्रैक जलभराव के कारण जगह-जगह से उखड़ता हुआ नजर आ रहा है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रैक हो चुका है खराब
इस सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की स्थिति बरसात का मौसम शुरू होते ही और ज्यादा नाजुक हो जाती है. बारिश होते ही 400 मीटर का यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रैक पूरी तरह पानी से लबालब हो जाता है और पानी के ऊपर तैरता हुआ सा नजर आता है. मजबूरी में खिलाड़ियों को इसी गंदे और भरे हुए पानी के बीच दौड़कर अपनी तैयारी करनी पड़ती है, जिससे उनके पैर फिसलने और गंभीर चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है.
निकासी न होने की वजह से हो रहा बर्बाद
स्टेडियम को इस मकसद से तैयार किया गया था कि यहां से बेहतरीन एथलीट निकलकर भारत और विदेशों में शहर का नाम रोशन करें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक यहां से पानी बाहर निकालने का कोई पक्का समाधान नहीं ढूंढा गया. जलभराव के कारण यह कीमती सिंथेटिक रनिंग ट्रैक अब तक लगभग 50% से अधिक टूटकर खराब हो चुका है. बरसात के दिनों में इसके उखड़ने वाले हिस्से लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि इस करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए ट्रैक को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाने के लिए अधिकारी पानी की निकासी का कोई रास्ता निकालते हैं, या फिर यह ऐसे ही पानी में डूबकर धीरे-धीरे बर्बाद हो जाएगा.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें