मिर्जापुर की दो सहेलियों की दोस्ती, साथ मिलकर गरीब बच्चों के जीवन को कर रही उजाला; PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

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मिर्जापुर की दो सहेलियों की दोस्ती, साथ मिलकर गरीब बच्चों के जीवन को कर रही उजाला; PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ


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Happy Friendship Day 2025: दोस्ती हमारे जीवन के सबसे खास और प्यारे रिश्तों में से एक होती है. यह दूरी, पृष्ठभूमि और उम्र की सीमाओं से परे जाकर हमें सुकून, मायने और खुशी देती है. एसी ही मिर्जापुर शहर की रहने वाल…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • शिखा मिश्रा और पूर्णिमा सिंह दोनों खास दोस्त है
  • एलकेजी में थी तब दोनों की दोस्ती हुई थी.
  • दोनों की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं.
Friendship Day 2025: कहते हैं कि दोस्ती ऐसी होती है जो हर मुसीबतों में संजीवनी बूटी की तरह काम करती है. जिन परिस्थितियों में हर कोई साथ छोड़ देता है. एक दोस्त ही होता है जो हमेशा आपके साथ खड़ा होता है. आज इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे है. (अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस) दुनिया भर में इस खास रिश्ते को मनाने का दिन है. इस दिन को और भी खास बनाने के लिए आज हमको आपको उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की रहने वाली दो सहेलियों की कहानी बताने जा रहे हैं. जिसे सुनकर आप भी तारीफ करेंगे.

इन दोनों सहेलियों की स्कूल में एलकेजी से शुरू हुई दोस्ती बेहद खास है. दोनों दोस्तों की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. दोनों सहेलियां घाट पर गरीब बच्चों को पढ़ाती है. उनका कहना है कि दोस्ती तभी ज्यादा खास हो जाती है, जब आपके अंदर जलन की भावना नहीं बल्कि सहयोग की भावना हो.

शिखा मिश्रा और पूर्णिमा सिंह
मिर्जापुर शहर की रहने वाली शिखा मिश्रा और पूर्णिमा सिंह दोनों खास दोस्त है. एलकेजी में दोनों की दोस्ती हुई थी. दोनों सहेली शहर के बरियाघाट में गरीब बच्चों को पढ़ाती भी है. पांच वर्षों से दोनों घाट पर बच्चों को पढ़ाई के साथ ही दोस्तियों की एहमियत के बारे में भी बताती है. दोनों सहेलियों की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं. मन की बात में प्रधानमंत्री ने दोनों सहेलियों के कामों की तारीफ की थी. शिखा मिश्रा की पढ़ाई बीएचयू से हुई है. वहीं, पूर्णिमा सिंह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से केमेस्ट्री से पीएचडी कर रही है.

दोनों बचपन से हैं दोस्त
शिखा मिश्रा ने कहा कि हम लोगों की दोस्ती बचपन से ही है. हम लोग पहली बार एलकेजी में मिले थे. उसके बाद से ही बेस्ट फ्रेंड है. हम दोनों साथ में बच्चों को पढ़ाते भी है. हमारी की यह शुरुवात साथ में कई थी. दोस्ती बहुत जरूरी है. घर के बाहर सभी दोस्त होते हैं. किसी के साथ जुड़कर और भरोसा करके आप कुछ कर सकते हैं तो दोस्त होते हैं. मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री मेरी तारीफ करेंगे. लेकिन बहुत खुशी मिली थी. हम सभी से यहीं कहेंगे कि दोस्ती में कंपटीशन या जलन नहीं होनी चाहिए. एक-दूसरे की सफलता पर तारीफ करनी चाहिए.

हर जगह होती है तारीफ
पूर्णिमा सिंह ने कहा कि हम लोगों की दोस्ती की तारीफ यहां नहीं बल्कि हर जगह होती है. हम लोग बचपन से ही साथ में है. कोरोना के समय में हम लोगों ने साथ में गरीब बच्चों को पढ़ाई शुरू की थी. घाटों पर हम बच्चों को पढ़ाते हैं. दोस्ती एक खास तोफा है. इसमें आप खुलकर बोल सकते हैं और दिल की बात कह सकते हैं.

Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन… और पढ़ें

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मिर्जापुर की दो सहेलियों की अनोखी दोस्ती, जिनकी PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ



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