कई वर्ष पुराना है भगवान शिव का जंगली नाथन धाम, पूरी होती श्रद्धालुओं की मन्नते
Last Updated:
स्थानीय निवासी अवधेश दुबे ने लोकल 18 से कहा कि बाबा जंगली नाथन धाम सुल्तानपुर का एक प्रसिद्ध धाम है. यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है. इसका समय आज भी लोगों को नहीं मालूम पड़ता है. यह लगभग 300 से 400 वर्ष पुराना मंद…और पढ़ें
अयोध्या से बगल होने की वजह से सुल्तानपुर जिला धार्मिक रूप से काफी अहम माना जाता है. एक तरफ जहां इस जिले में भगवान श्री राम के पद पड़े वहीं यह जिला भगवान भोलेनाथ के लिए भी जाना जाता है यहां पर कई ऐसे शिवलिंग है. जो स्वयंभू हुए और अपनी कई मान्यताओं को लेकर काफी प्रसिद्ध है. इसी में एक है सुल्तानपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर कुड़वार में एक भगवान शिव का मंदिर है जो अपनी विशिष्ट मान्यताओं के लिए जाना जाता है और या काफी प्रसिद्ध है तो वही जानते हैं क्या है यहां की मान्यता.
प्राचीन है यह मंदिर
स्थानीय निवासी अवधेश दुबे ने लोकल 18 से कहा कि बाबा जंगली नाथन धाम सुल्तानपुर का एक प्रसिद्ध धाम है. यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है. इसका समय आज भी लोगों को नहीं मालूम पड़ता है. यह लगभग 300 से 400 वर्ष पुराना मंदिर है जो सुल्तानपुर की ऐतिहासिक धरोहर को संजो कर रखे हुए.
सावन में जुटती है हजारों की भीड़
बाबा जंगली नाथन धाम में सावन माह में हजारों की भीड़ जुटती है. सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां पर श्रद्धालुओं का इतना अधिक तांता लगा रहता है कि लोग जल चढ़ाने में भी काफी कठिनाई का सामना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी सच्चे मन से कोई मिन्नत मांगता है उसकी सारी मनोकामनाएं बाबा जंगली नाथन पूर्ण करते हैं. यहां पर नवरात्रि में रामलीला का भी आयोजन किया जाता है जो सुल्तानपुर ही नहीं आसपास के जिलों के आकर्षण का केंद्र रहता है.
बाबा जंगली नाथन धाम में सावन माह में हजारों की भीड़ जुटती है. सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां पर श्रद्धालुओं का इतना अधिक तांता लगा रहता है कि लोग जल चढ़ाने में भी काफी कठिनाई का सामना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी सच्चे मन से कोई मिन्नत मांगता है उसकी सारी मनोकामनाएं बाबा जंगली नाथन पूर्ण करते हैं. यहां पर नवरात्रि में रामलीला का भी आयोजन किया जाता है जो सुल्तानपुर ही नहीं आसपास के जिलों के आकर्षण का केंद्र रहता है.
कैसे पहुंचें इस मंदिर
अगर आप भी बाबा जंगली नाथन धाम के दर्शन करना चाहते हैं तो आपको सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर कुड़वार बाजार आना होगा. कुड़वार बाजार में ही सड़क के ठीक किनारे बाबा जंगली नाथन धाम देखने को मिल जाएगा और यहां आप भगवान भोलेनाथ का दर्शन और पूजन कर सकते हैं.