Bihar teacher Bharti: बिहार में टीचर बनने के लिए लगेंगे कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स, कैसे बनता है डोमिसाइल?

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Bihar teacher Bharti: बिहार में टीचर बनने के लिए लगेंगे कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स, कैसे बनता है डोमिसाइल?


Bihar teacher recruitment 2025: बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ी खबर आ गई है.बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की ओर से TRE-4 (Teacher Recruitment Exam-4) की तैयारी जोरों पर है, लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति फिर से लागू करने का ऐलान कर दिया है.ये फैसला बिहार के युवाओं के लिए राहत और बाहर से आने वाले उम्मीदवारों के लिए चुनौती बन सकता है.आइए जानते हैं कि अब तक क्या होता आया है,नई पॉलिसी क्या है और इसके लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

domicile policy in Bihar teacher recruitment: डोमिसाइल नीति फिर से क्यों आई?

पिछले कुछ दिनों से बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों में डोमिसाइल नीति की मांग जोर पकड़ रही थी.इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में ऐलान किया कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अब बिहार के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी और ये बदलाव TRE-4 से लागू होगा. शिक्षा विभाग को नियमों में संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं.ये कदम स्थानीय युवाओं को मौका देने के लिए उठाया गया है.इससे पहले 2020 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू थी, लेकिन 2023 में इसे हटाकर पूरे देश के उम्मीदवारों को मौका दिया गया था.अब फिर से स्थानीय दबाव और चुनावी साल को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

Nitish domicile rule: अब तक की क्‍या होती थी प्रक्रिया?

पहले जब डोमिसाइल पॉलिसी नहीं थी तब BPSC ने 1.7 लाख से ज्यादा शिक्षक पदों के लिए भर्ती की, जिसमें देशभर के उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया. सिलेक्शन लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से होता था जिसमें निगेटिव मार्किंग भी थी. हाल के अपडेट्स में 7,000 से ज्यादा दिव्यांग शिक्षकों की भर्ती भी शुरू हुई लेकिन अब नई पॉलिसी के तहत सिर्फ बिहार के डोमिसाइल होल्डर्स ही अप्लाई कर सकेंगे. TRE-4 में 1.10 लाख से ज्यादा पदों के लिए भर्ती की तैयारी है और ये जल्द शुरू हो सकती है.

Teacher Bharti Documents list: कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे?

नई डोमिसाइल नीति के तहत बिहार का डोमिसाइल सर्टिफिकेट सबसे जरूरी होगा जो पिछले 3 साल से राज्य में रहने, प्रॉपर्टी होने या स्थानीय विवाह पर मिलता है.इसके अलावा ये डॉक्यूमेंट्स चाहिए-
शैक्षिक योग्यता: 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन और बीएड/बीटीसी सर्टिफिकेट.
पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी या राशन कार्ड.
निवास प्रमाण: बिजली बिल, पानी बिल या टेलीफोन बिल.
कास्ट सर्टिफिकेट: अगर आरक्षण लेना हो.
CTET/BTET सर्टिफिकेट: शिक्षक पात्रता प्रमाण.
फोटो और सिग्नेचर: पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर.
अन्य: अगर दिव्यांग हैं तो दिव्यांगता प्रमाण पत्र.
डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए बिहार सरकार की वेबसाइट पर अप्लाई करना होगा और ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए जमा करने होंगे.

क्या है खास और आगे क्या?

नीतीश सरकार का ये फैसला TRE-4 से पहले आया है जिसमें 1.10 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती होगी.डोमिसाइल नीति से बिहार के युवाओं को फायदा होगा, लेकिन बाहर के योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हो सकता है.अगले कुछ हफ्तों में BPSC नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें सारी डिटेल्स साफ हो जाएगी.

कब-कब क्‍या बदला?

2020: डोमिसाइल जरूरी था

दिसंबर 2020 में बिहार सरकार ने ऐसा नियम बनाया कि सिर्फ बिहार निवासी (डोमिसाइल) ही सरकारी स्कूलों में शिक्षिका/शिक्षक भर्ती में आवेदन कर सकते हैं.यह निर्णय 2012 की पहले की नीति को उलटने जैसा था जिसके तहत पूरा देश के उम्‍मीदवार आवेदन कर सकते थे.

2023: डोमिसाइल जरूरी नहीं

27 जून 2023 को हुए कैबिनेट निर्णय के तहत बिहार सरकार ने घोषणा की कि अब कोई भी भारतीय नागरिक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है.डोमिसाइल की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है.शिक्षा विभाग ने बताया कि गणित और विज्ञान जैसे विषयों में क्वालिटी टीचर्स नहीं मिल रहे थे, इसलिए बेहतर प्रतिस्पर्धा और योग्य शिक्षक पाने के लिए भारत भर से आवेदन करने की सहूलियत दी गई.सरकारी अधिकारियों ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 16 के अंतर्गत डोमिसाइल नियम संवैधानिक रूप से अवैध और असंगत था,इसलिए उसे हटाना न्यायसंगत था.टीचर्स एसोसिएशन और छात्र संगठन इस फैसले के खिलाफ राज्य भर में प्रदर्शन करते रहे. कहते थे कि बिहार के स्थानीय उम्मीदवारों के अधिकार छिन रहे हैं, जबकि उच्च शिक्षा वाले बाहर के अभ्यर्थी भर्ती ले जा रहे हैं.

2025 में फिर से बदलाव: डोमिसाइल लागू

जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि TRE‑4.0 भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं को 35% कोटा के लिए केवल बिहार निवासी महिलाएं ही पात्र होंगी यानी इस कोटे में डोमिसाइल अनिवार्य होगा.बाकी सामान्य श्रेणियों पर अभी भी पहले की तरह देश भर से आवेदन का अधिकार मौजूद है. सरकार का कहना है कि लगभग 80% चुने गए अभ्यर्थी बिहार से ही आते हैं जबकि बाहर से लगभग 20‑22% होते हैं.अब एक बार फ‍िर सीएम नीतीश कुमार ने सभी के लिए डोमिसाइल अनविार्य करने की घोषणा की है.



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