रेलवे अंडरपास और आरओबी बनाकर माल ढुलाई और बढ़ाएगा, आम लोगों को भी सुविधा
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indian railway- पूर्वोत्तर रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के जुलाई तक 1.485 मिलियन टन माल लदान से 162.49 करोड़ रुपये की आय हासिल की. रेलवे ने कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न की ढुलाई पर जोर दिया है.
जुलाई 2025 में 0.495 मिलियन टन माल लदान से 61.02 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक वृद्धि दिखा रहा हैै. पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई में 1.44 मिलियन टन माल लदान की तुलना में इस वित्त वर्ष में 3.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसी तरह, जुलाई 2025 में 0.495 मिलियन टन माल लदान पिछले वर्ष जुलाई 2024 के 0.493 मिलियन टन की तुलना में 0.406 प्रतिशत अधिक है. रेलवे के अनुसार यह वृद्धि पूर्वोत्तर रेलवे की माल ढुलाई में व्यापारियों के भरोसे को दर्शाती है.
रेलवे ने कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न और अन्य थोक वस्तुओं की ढुलाई पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे आय में यह बढ़ोतरी संभव हुई. पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स ने स्थानीय उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर माल ढुलाई को बढ़ावा दिया है. इसके अलावा, रेलवे ने मालगाड़ियों की पंच्यूअलिटी और बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया है.
रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को अपनाते हुए ग्रीन एनर्जी पर आधारित माल ढुलाई को प्रोत्साहित किया है. स्थानीय व्यापारियों ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे की एडवांंस सुविधाओं ने उनके व्यवसाय को गति दी है. रेलवे प्रशासन ने भविष्य में और अधिक माल लदान और आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए रोड ओवरब्रिज (ROB) और रोड अंडरब्रिज (RUB) के निर्माण के साथ-साथ रेल पथों का नवीनीकरण भी तेजी से किया जा रहा है. यह कदम न केवल माल ढुलाई को बढ़ाएंगे, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देंगे