बरसात में गाय-भैंस को खिलाएं ये चीज, बाल्टी भर-भरकर देंगे दूध, बन जाएंगे मालामाल, एक्सपर्ट से जानिए फायदे
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भारत में दुग्ध उत्पादन बढ़ रहा है. पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉक्टर दिवाकर ने बताया कि सूडान चरी चारा बारिश में दूध उत्पादन बढ़ाता है. इसे भूसे के साथ मिलाकर खिलाना चाहिए.
बार-बार काटने के लिए हो जाता है तैयार
कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉक्टर दिवाकर ने लोकल 18 को बताया कि सूडान चरी बहुत ही फायदेमंद है. यह प्रत्येक 25 दिनों में बार-बार कटाई के लिए तैयार हो जाती है. जो कि यह प्रक्रिया कई बार अनवरत चलती रहती है. इससे किसानों को बार-बार चरी के बीज बोने का झंझट नहीं झेलना पड़ता.
इस चारे से पशुओं में दुग्ध उत्पादन की क्षमता काफी बढ़ जाती है. इसके अलावा यह पशुओं के लाभ के साथ-साथ किसानों की आर्थिक क्षमता को भी मजबूत करती है. इस चारे के साथ खास बात क्या है कि इसमें किसी अतिरिक्त संसाधनों की भी आवश्यकता नहीं पड़ती.
कब और कैसे करें इसकी खेती.?
वैसे तो सूडान चरी को बोने का सबसे अच्छा समय मई का महीना होता है. लेकिन इसके साथ ही इसकी बुवाई जुलाई-अगस्त में भी कर सकते हैं. हालांकि, अधिक सर्दी में इसके लिए लाभप्रद नहीं होती है क्योंकि पौधे सही से स्थापित नहीं हो पाते हैं. यह एक खरीफ मौसम का चारा है इसलिए यदि इसके टुकड़े बड़े हों तो इनकी पत्तियां काट देनी चाहिए, इसके साथ ही इसकी बुवाई हमेशा लाइनों और मेड़ों पर ही करनी चाहिए. सूडान चरी की बुआई बीज छींटकर की जाती है.
मिलाकर जानवरों को खिलाएं
डॉक्टर दिवाकर ने बताया कि जब भी पशुओं को सूडान चरी खिलाएं तब उसमें भूसा जरूर मिलाएं. कभी भी अकेले सूडान चरी को ना दें, क्योंकि इसकी अधिकता होने से पशुओं में लिवर की समस्या हो जाती है और उनका पेट खराब हो जाता है. ऐसे में सूडान चरी को हमेशा भूसे के साथ ही मिला कर देना चाहिए.
मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक से सक्रिय. वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की.फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, वेबदुनिया समेत कई जगहों पर रिपोर्टिंग और डेस्क मे…और पढ़ें
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