निजाम बदला, हालात बदले, 90000 बच्चों को मिली डेस्क-कुर्सी, अब बोरी-चटाई से आजादी

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निजाम बदला, हालात बदले, 90000 बच्चों को मिली डेस्क-कुर्सी, अब बोरी-चटाई से आजादी


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Pilibhit News: पीलीभीत जिले के शिक्षकों ने सोमवार को बताया कि पहली बार पीलीभीत जिले के सैकड़ों सरकारी प्राथमिक स्कूलों के 90,000 से ज्यादा बच्चों को डेस्क और कुर्सियां मिली हैं.

निजाम बदला, हालात बदले, 90000 बच्चों को मिली डेस्क-कुर्सी, बोरी-चटाई से आजादीसरकारी स्कूल के बच्चों को मिला कुर्सी-़डेस्क.
पीलीभीत: जूट की बोरी, प्लास्टिक की चटाई या फिर जमीन पर, दशकों से सरकारी स्कूल में बच्चे ऐसे ही पढ़ते हुए आ रहे हैं. प्राइवेट स्कूलों में एआई तक पहुंच गया. लेकिन सरकारी स्कूल के बच्चों को एक साधारण डेस्क नसीब नहीं हुआ पर अब वक्त बदल गया है. क्योंकि शासन बदल गया है. अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी डेस्क और कुर्सियों पर बैठकर पढ़ेंगे. उन हजारों बच्चों को फर्श से आजादी मिल गई है, जिन्हें अब तक अपनी पढ़ाई के लिए जर्जर कक्षाओं में या खुले में पेड़ के नीचे ज़मीन पर बैठना पड़ता था.

90 हजार बच्चों को मिली कुर्सी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पीलीभीत जिले के शिक्षकों ने सोमवार को बताया कि पहली बार पीलीभीत जिले के सैकड़ों सरकारी प्राथमिक स्कूलों के 90,000 से ज्यादा बच्चों को डेस्क और कुर्सियां मिली हैं. यह बदलाव एक टास्क फोर्स की बैठक के दौरान शुरू हुआ, जब पीलीभीत के डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जून में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह से कक्षाओं में फर्नीचर की भारी कमी के बारे में पूछा था.

सरकारी धन के कारण नहीं मिल पा रही थी सुविधा
इस दौरान उन्हें पता चला कि सरकारी धन की कमी के कारण डीएम ने प्रशासन को ग्राम पंचायत विकास निधि का उपयोग करके फर्नीचर की खरीद शुरू करने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार राज्य भर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन कक्षाओं में फर्नीचर की कमी इस काम में बाधा बन रही थी. डेस्क और कुर्सियों की उपलब्धता निश्चित रूप से सरकार के इस मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगी.”

कितना हुआ खर्च
बीएसए ने आगे कहा, “अब तक 925 प्राथमिक विद्यालयों को छात्रों के लिए कुर्सियां और डेस्क मिल चुके हैं. शेष विद्यालयों को एक सप्ताह के भीतर ये मिल जाएंगे. फर्नीचर की लागत प्रति विद्यालय लगभग 1 लाख रुपये होगी.” बीएसए के अनुसार, पीलीभीत जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 95,532 छात्र और 284 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 66,772 छात्र हैं.

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Prashant Rai

Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ें

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