Cauliflower Farming Tips : छोड़े धान की टेंशन! अगस्त में लगा दें इस विधि से फूलगोभी… नवंबर में बरसेंगे नोट
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Cauliflower Farming Tips : अगर बाढ़ के कारण धान की फसल बर्बाद हो रही है या बर्बाद होने की कगार पर हैं तो अब आगे बढ़ने का समय है. किसानों को धान की टेंशन छोड़ फूलगोभी और अन्य सब्जियों की खेती पर फोकस करना चाहिए. ऐस…और पढ़ें
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि अगस्त के महीने में किसान फूलगोभी की अगेती फसल लगा सकते हैं. जिसके लिए किसानों को खेत की अच्छी तरह से तैयार करना चाहिए और उन्नत किस्म का चयन करें. ज्यादा पुरानी पौध न लगाएं. संतुलित मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति करें. इन सभी बातों का ध्यान रखने के बाद अगर फूलगोभी की फसल उगाते हैं तो किसानों को अच्छी कमाई होगी.
फूलगोभी की फसल लगाने के लिए अगस्त का अंतिम सप्ताह सबसे उपयुक्त माना जाता है. किसान फूलगोभी की फसल लगाने से पहले खेत की गहरी जुताई करें. खेत को समतल कर भुर भुरा बना लें, उसके बाद किसान लाइनों में फूलगोभी की फसल की रोपाई कर सकते हैं. किसान बेड बनाकर पौधे से पौधे की दूरी 45 सेमी और लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर रखते हुए पौधे लगाएं. किसान फूलगोभी की रोपाई के लिए 5 से 6 सप्ताह पुरानी पौधों का ही इस्तेमाल करें. अगस्त महीने में लगाई हुई फूलगोभी की फसल नवंबर महीने में तैयार हो जाएगी.
इस अनुपात में करें खाद का छिड़काव
फूल गोभी की फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसान संतुलित मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति करें. फूलगोभी की रोपाई के वक्त ही किसान 60 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम पोटाश और 60 से 70 किलोग्राम फास्फोरस का प्रति हेक्टेयर के हिसाब से इस्तेमाल करें. इसके अलावा किसान 4 से 6 किलोग्राम बोरॉन प्रति हेक्टेयर की दर से डाल दें. यह सभी उर्वरक देने के बाद फूलगोभी की फसल की ग्रोथ अच्छी होगी, और किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा.
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