बरसात में इस ट्रिक से करें बैगन की खेती, 3 महीने में बन जाएंगे इलाके के नामी किसान

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बरसात में इस ट्रिक से करें बैगन की खेती, 3 महीने में बन जाएंगे इलाके के नामी किसान


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Brinjal farming in rainy season : बरसात में बैंगन की खेती के फायदे भी हैं और नुकसान भी. फसल अच्छी हो गई तो फायदे ही फायदे. अगर कोई आफत आ पड़ी तो नुकसान झेलना हर किसी के बस में नहीं.

कौशांबी. यूपी के किसान तरह-तरह की सब्जियों की खेती करते हैं. कौशांबी जिले के किसान भी इसमें पीछे नहीं हैं. ऐसे किसान जो बरसात के मौसम में बैगन उगाते हैं, उनकी फसलों में कीड़े लगने का खतरा रहता है. इससे काफी नुकसान सहना पड़ता है. बैगन की फसल में छेदक कीट ज्यादा लगते हैं. बरसात में बैंगन की खेती में कीटों को नियंत्रित करने के लिए किसान नीम के तेल का छिड़काव कर सकते हैं. नीम तेल की कड़वाहट के कारण कीड़े भाग जाते हैं. इसे आवश्यकता अनुसार पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इससे फसल में काफी सुधार होगा.

मालामाल बनने का सीक्रेट

बरसात के मौसम में बैगन की खेती करने के लिए जून के महीने में ही इसकी बुवाई कर सकते हैं. यह फसल 50 से 60 दिन में तैयार हो जाती है. बैगन की खेती तीन से चार महीने की होती है. बरसात के मौसम में बैगन बाजारों में काफी महंगे बिकते हैं. लगभग 30 से ₹40 प्रति किलो बाजार में इसका दाम रहता है. इस तरह से एक एकड़ जमीन में बैगन की खेती करने के लिए 15 से 20 हजार की लागत आती है. किसान को लाखों का मुनाफा होता है.

ऐसे बनाएं घोल

कौशांबी के किसान गिरजा सिंह ने बताया कि बैगन की खेती करने के लिए मई के महीने में कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करके खेतों को तैयार कर लिया जाता है. इसके बाद जून के महीने में ही इसकी रोपाई कर दी जाती है. रोपाई करने के 55 से 60 दिन बाद फल निकलने शुरू हो जाते हैं. बरसात के मौसम में बैगन की फसल में कीड़े लगने की शिकायत ज्यादा रहती है. किसान अपने घरों पर ही अग्नि अस्त्र नाम की दवा तैयार कर सकते हैं. इसे तैयार करने के लिए नीम की पत्ती, काढाल की पत्ती, गोमूत्र और गाय के गोबर को मिलाकर घोल तैयार कर लें. इसे छिड़कने से कीट खेतों से भाग खड़े होंगे.

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