केले के बाग में ऐसे लगाएं फूलगोभी… 60 दिन में खेत बन जाएगी ‘नोटों की फैक्ट्री’!
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Cauliflower Farming Tips : खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए किसान अब इंटरक्रॉपिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, केले के बाग में फूलगोभी की खेती करना किसानों के लिए किसी ‘नोटों की फैक…और पढ़ें
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि केले के पौधों के बीच आमतौर पर 8 फीट का फासला रखा जाता है. इस खाली जगह का सही इस्तेमाल कर किसान अतिरिक्त फसल ले सकते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस 8 फीट के गैप में किसान फूलगोभी की 5 लाइन तक की बुवाई कर सकते हैं. इससे खेत की खाली जगह भी उपयोग हो जाएगी और अलग से जमीन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. फूलगोभी का पौधा केले के बाग के लिए बिल्कुल अनुकूल माना जाता है क्योंकि केले की छांव और नमी फूलगोभी को बेहतर बढ़ने में मदद करती है. सही समय पर सिंचाई और दवाओं का छिड़काव करके किसान एक ही खेत से दोहरी फसल लेकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.
खेत की तैयारी करने के लिए किस सबसे पहले पावर वीडर या फिर छोटे ट्रैक्टर की मदद से केले के बाग की जुताई करें. उसके बाद किसान बेड बनाकर या फिर समतल जगह पर भी फूलगोभी के पौधे लगा सकते हैं. किसान पौधे से पौधे की दूरी 45 सेंटीमीटर और लाइन से लाइन की दूरी 60 सेमी रखें.
इस बात का रखें ध्यान
ध्यान रखें कि फूलगोभी के पौधे 5 से 6 सप्ताह पुरानी होनी चाहिए. किसान खेत की अंतिम जुताई करते समय गोबर की खड़ी हुई खाद या फिर वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाएगी और किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. फूलगोभी की बहुत सी ऐसी किस्में हैं जो 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती हैं.