क‍िसान हो जाएं सावधान! बासमती चावल पर संकट, ये 11 कीटनाशक किए गए बैन

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क‍िसान हो जाएं सावधान! बासमती चावल पर संकट, ये 11 कीटनाशक किए गए बैन


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Basmati Paddy Farming: सरकार ने बासमती चावल को कीटनाशकों के अवशेषों से मुक्त करने के लिए 11 कीटनाशक दवाओं के विक्रय, वितरण और प्रयोग पर रोग लागने निर्णय लिया गया है. जिससे गुणवत्ता युक्त बासमती चावल के निर्यात …और पढ़ें

Basmati Paddy Farming: यूपी के फिरोजाबाद में किसान बासमती धान की अच्छी खेती करते हैं, यहां लगभग 50 हजार हेक्टेअर में धान की खेती होती है. किसान भाई खेतों में खड़ी फसल में रोग लग जाने के बाद अच्छी फसल की पैदावार के लिए कई तरह की कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करते हैं. लेकिन इनमें कुछ ऐसी दवाएं भी हैं. जिनके प्रयोग और बिक्री पर रोक लगा दी गई है. होने वाले नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक सूचना भी जारी कर दी है. वहीं जो भी दुकानदार इन कीटनाशी दवाओं की बिक्री करते हुए पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई भी की जा सकती है.

फिरोजाबाद अपर कृषि रक्षा अधिकारी विष्णु शंकर ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि फिरोजाबाद में किसान भाई लगभग 50 हजार हेक्टेअर में धान की खेती करते हैं. जिले के किसान सबसे अधिक बासमती धान को उगाते हैं. लेकिन इस फसल में कई तरह के रोग भी लग भी लग जाते हैं. जिससे फसल को नुकसान होता है और किसान भाइयों की पैदावार कम हो जाती है.

इन कीटनाशक दवाओं पर लगी रोक
रोगों से धान की खेती को बचाने के लिए दुकानों पर कई तरह की कीटनाशक दवाएं मिलती है. जिसका प्रयोग किसान भाई फसल में करते हैं, लेकिन कुछ दवाएं ऐसी भी है जो धान की पैदावार पर भी असर डालती है. इसलिए कृषि विभाग द्वारा इन पर रोक लगा दी गई है. इसमें लगभग 11 कीटनाशकों ट्राइसाइक्लाजोल, बुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरपाइरी फॉस, टेबुकोनोजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, इमिडाक्लोप्रिड, कोर्वेण्डाजिम, कार्बोफ्यूरान के समस्त प्रकार के फार्मूलेशन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है.

60 दिनों के लिए लगाई गई रोक
कीटनाशी अधिनियम 1968 के अन्तर्गत 60 दिनों की अवधि के लिए इन कीटनाशी दवाओं पर रोक लगाई गई है. फिरोजाबाद में बासमती चावल में बिक्री एवं वितरण और प्रयोग पर रोक लगा दी गई है. ताकि खेतों में उगाए जाने वाले वासमती चावल पर कोई असर न पड़े और गुणवत्तायुक्त बासमती चावल के निर्यात में वृद्धि की जा सके. वहीं इसकी जगह किसान भाई अन्य कीटनाशी दवाओं का प्रयोग कर सकते है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 7 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें

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