न नौकरी, न बिजनेस…अब ‘कमरा’ बनेगा कमाई का जरिया, चित्रकूट में शुरू होम-स्टे स्कीम
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Chitrakoot News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में पर्यटन विभाग ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत स्थानीय लोग अपने घर के अतिरिक्त कमरों को टूरिस्ट्स को किराए पर देकर कानूनी रूप से कमाई कर सकते हैं. बिना व्यावसायि…और पढ़ें
इतना ही नहीं, इस योजना से आप अच्छी-खासी कमाई भी कर सकते हैं. बता दें, यह नई योजना प्रदेश की योगी सरकार ने शुरू की है धर्मनगरी चित्रकूट (Chitrakoot) में. पर्यटन विभाग का मानना है कि योगी सरकार की इस नई योजना से एक ओर स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का नया साधन मिलेगा. वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने की सस्ते में सुविधा भी मिल सकेगी.
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने स्थानीय लोगों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है. इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसके पास विकास प्राधिकरण से पास नक्शा है, वह अपने घर का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर सकता है. इसके बाद वह अपने अतिरिक्त कमरों को टूरिस्ट्स को किराए पर दे सकता है और उनसे तयशुदा किराया वसूल सकता है.
घर रहेगा घर जैसा, प्रोसेस बेहद आसान
चित्रकूट धाम मंडल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरके रावत ने बताया कि इस योजना को व्यावसायिक होटल व्यवसाय से पूरी तरह अलग रखा गया है. इसमें न तो व्यावसायिक लाइसेंस की जरूरत है और न ही भारी-भरकम निवेश की. पंजीकरण घरेलू प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और घरेलू बिजली कनेक्शन के आधार पर ही मान्यता मिलेगी. यानी स्थानीय लोग अब बिना किसी बड़े झंझट के अपने घर से ही कमाई कर सकते हैं और टूरिस्ट्स को आरामदायक ठहराव भी दे सकते हैं.
आमदनी का नया और कानूनी जरिया
धर्मनगरी चित्रकूट, जो भगवान श्रीराम की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है. ऐसे में जिन परिवारों के पास अपने उपयोग से अधिक कमरे हैं, वे अब इन्हें कानूनी रूप से किराए पर देकर मासिक आमदनी कमा सकते हैं. पर्यटन विभाग का मानना है कि इससे एक ओर स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का नया साधन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सस्ते, सुरक्षित और घरेलू माहौल में ठहरने की सुविधा मिल सकेगी.
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें