Ballia News: आयुर्वेद की अनमोल देन, एक जादुई पत्ता, अनेकों बीमारियों से निजात, खासियत जान हो जाएंगे हैरान

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Ballia News: आयुर्वेद की अनमोल देन, एक जादुई पत्ता, अनेकों बीमारियों से निजात, खासियत जान हो जाएंगे हैरान


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Ballia News: पान का पत्ता न केवल परंपरा का अहम हिस्सा है, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अनमोल है. पाचन, त्वचा, ऊर्जा, मानसिक शांति और इम्यूनिटी– हर क्षेत्र में इसके फायदे वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से साबित हो चुके हैं.

बलिया. आयुर्वेद में कई ऐसे पौधों और पत्तों का वर्णन मिलता है जो सेहत के लिए वरदान माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है पान का पत्ता, जिसे आमतौर पर परंपराओं, पूजा-पाठ और सामाजिक रस्मों से जोड़ा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह पत्ता केवल परंपरा का हिस्सा ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी किसी संजीवनी से कम नहीं है? विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि पान के पत्ते का सेवन सही तरीके से किया जाए, तो यह पाचन संबंधी परेशानियों से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक कई मामलों में मददगार साबित हो सकता है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना उपाध्याय (एमडी मेडिसिन) बताती हैं कि पान का पत्ता मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. यह दुर्गंध को दूर कर मसूड़ों को मजबूत बनाता है. इसके अलावा पान का पत्ता पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मदद करता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं नहीं होतीं. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक होते हैं.

त्वचा, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य में फायदेमंद

डॉ. उपाध्याय आगे बताती हैं कि पान के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स कर त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाए रखते हैं. थकान और तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह रामबाण है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है. इसके सेवन से मन प्रसन्न रहता है और मानसिक थकान दूर होती है. यही नहीं, पान का पत्ता मुहांसों से राहत दिलाने और चेहरे की चमक बनाए रखने में भी उपयोगी है.

ब्लड शुगर और इम्यूनिटी के लिए कारगर

पान का पत्ता सिर्फ पाचन और मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी सहायक है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव होता है. आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी देखा जाता है. हालांकि पान का पत्ता औषधि है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. डॉ. वंदना उपाध्याय चेतावनी देती हैं कि अत्यधिक सेवन से मुंह में छाले हो सकते हैं क्योंकि यह पित्त को बढ़ाता है. साथ ही, यह नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर हल्के नशे का अनुभव भी करा सकता है. सबसे अहम बात यह है कि पान में तंबाकू का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए जहर समान है.

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