वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने केंद्र सरकार को घेरा
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सोमवार को प्रेसवार्ता कर संजय सिंह ने कहा कि एक लंबी लड़ाई के बाद वक्फ संशोधन बिल पर सर्वोच्च न्यायलय ने फैसला दे दिया है. इस फैसले से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके अंधभक्त बहुत सदमे में हैं. हालांकि अंधभक्तों का कोई फायदा नहीं होने वाला था, लेकिन उनको नफरत फैलाने का बढ़िया मौका मिल रहा था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने छीन लिया. हिन्दू-मुस्लिम पर तो भाजपा के लोग राजनीति करते ही हैं.
संजय सिंह ने कहा कि इस बिल पर खुश होने वालों के लिए मैंने संसद में भी कहा था कि बिल पर खुश मत होना क्योंकि आने वाले दिनों में ऐसे ही बिल जैन मंदिरों, चर्चों, गुरुद्वारों और मंदिरों की जमीन कब्जा करने के लिए आएगा. इसी बीच मुम्बई में 90 साल पुराना एक जैन मंदिर तोड़ दिया गया. मैं देश के लोगों को सावधान रहने की अपील करता हूं. भाजपा के नफरती एजेंडे से बचिए. भाजपा का मकसद सारी धार्मिक जमीन को कब्जा करना है. अयोध्या इसका ताजा उदाहरण है. ये लोग वहां बड़े पैमाने पर जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं. इन्होंने रक्षा मंत्रालय की 13 हजार एकड़ जमीन अपने दोस्त अडानी को बिजनेस करने के लिए दे दी. ये लोग धर्म नहीं, धंधे का काम कर रहे हैं.
संजय सिंह ने कहा कि इस फैसले से यह भी साफ हो गया है कि बेवजह के मुद्दों में केंद्र सरकार संसद सत्र का समय बर्बाद कर रही है. केंद्र सरकार ने गैर संवैधानिक बिल पर सदन में चर्चा कराई और समय बर्बाद किया. आखिर में सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम तमाचा पड़ा गया. विपक्ष इस मुद्दे पर सही था, लेकिन केंद्र सरकार ने विपक्ष की कोई बात नहीं सुनी. संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी का शुरुआत से स्टैंड रहा है कि वक्फ संशोधन बिल पूरी तरह से गैर संवैधानिक है और भारत में धर्म निरपेक्षता के ढांचे को बर्बाद करने की कोशिश है. यह धार्मिक संपत्तियों को कब्जा करके अपने पूंजीपति दोस्तों को देने की कोशिश है. इसलिए आम आदमी पार्टी ने शुरू से इस बिल का विरोध किया था.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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