आगरा के इन लोगों के लिए मुसीबत बना ताजमहल, शादी-विवाह में आ रही बड़ी दिक्कत, जानिए वजह
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Agra Ground Report: ताजमहल के पास बसे नंगला पैमा और नगला तल्फी गांव के लोग सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण शादियों में बैंड बाजा नहीं बजा सकते. यहीं नहीं रास्ते में प्रतिबंध होने के कारण उन्हंे खराब और लंबा रास्ता तय करना पड़ता है.
आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा का ताजमहल देश विदेश में अपनी ख्याति के लिए मशहूर है. लेकिन यही ताज कुछ लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. मामला ताजमहल के पास बसे गांव नंगला पैमा और नगला तल्फी का है. यहां के लोग अपनी शादियों में बैंड बाजा तक नहीं बजा सकते हैं लोगों ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में तेज़ आवाज में डीजे या स्पीकर लगाकर कोई भी फंक्शन नहीं कर सकते हैं. लोगों ने यहां तक कहा कि उन्हें अपने ही गांव में जाने के लिए लंबे रास्ते से होकर आना जाना पड़ता है. लोगों ने बताया कि ताजमहल की सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण उन्हें बहुत दिक्कत होती है. तेज़ आवाज या बैंड बाजा ताजमहल के पास बजा नहीं सकते, क्योंकि ध्वनि प्रदूषण पर रोक है.
बैंड बाजा बारात तक नहीं निकाल सकते हैं गांव के लोग
ताजमहल के पास बसे गांव के एक व्यक्ति रामअवतार ने बताया कि वह इतने परेशान हैं कि अपने घर की शादी में बैंड बाजा तक नहीं बजवा सकते हैं. इसके लिए उन्हें ताजमहल से 500 मीटर दूर जाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि यदि बारात ताजमहल के पास से निकालना चाहें तो यह मुमकिन ही नहीं है. राम ने कहा कि रास्ता इतना ख़राब है कि अन्य रास्ते से भी बारात चढ़ाना बड़ा चिंता का विषय हो गया है. उन्होंने कहा कि ताजमहल की दीवारों को कोई खतरा न हो इसलिए तेज़ साउंड, बैंड बाजा प्रतिबंधित है. उन्होंने यह भी कहा कि ताजमहल के पूर्वी गेट से भी हमें नहीं निकलने दिया जाता है, जिस कारण पूरा घूमकर करीब 14 – 15 किलोमीटर होकर जाना पड़ता है. गांव के एक युवा ने कहा कि उसकी शादी पर ताजमहल के कारण घर से घुड़चढ़ी तक नहीं हो पाई थी. दूर जाकर उन्होंने घुड़चड़ी कार्यक्रम को अदा किया था.
ताजमहल के पास वाला रास्ता प्रतिबंधित है, लेकिन दूसरा रास्ता भी बेहाल है…
गांव के लोगों ने बताया कि ताजमहल के आस पास 5 गांव हैं और सभी इसी दूसरे रास्ते से होकर गुज़रते हैं, उन्होंने कहा कि कम से कम इसी रास्ते को ठीक करवा दिया जाय. गांव के लोगों ने कहा कि ताजमहल के कारण पूर्वी रास्ता हमारे लिए शहर जाने के लिए छोटा रास्ता है, लेकिन वह ताज की वजह से प्रतिबंधित है. जिसकी वजह से दूसरा रास्ता तक़रीबन 14 से 15 किलोमीटर का है, जो पुरा घूमकर है. वहां से सभी को जाना पड़ता है. ऐसे में अब वही रास्ता तो ठीक हो जाये जिससे आसानी से जा सकें. ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशान उनके रिश्तेदार होते हैं. कई लोगों ने तो उनके घर तक आना छोड़ दिया है. लोगों ने कहा कि यह ताजमहल की वजह से ही सब कुछ हुआ है.
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस…और पढ़ें
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस… और पढ़ें