Parali Uses: पराली जलाना बंद करो! अपनाओ ये स्मार्ट तरीका, पशुओं को मिलेगा पोषण, खेतों को मिलेगी मुफ्त खाद

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Parali Uses: पराली जलाना बंद करो! अपनाओ ये स्मार्ट तरीका, पशुओं को मिलेगा पोषण, खेतों को मिलेगी मुफ्त खाद


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Parali Benefits for Animals: किसान और युवा अब डेयरी फार्मिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. लेकिन पशुपालन में सबसे बड़ी चुनौती होती है. पशुओं के लिए पौष्टिक और सस्ता आहार. ऐसे में धान की बची पराली किसानों के लिए सोने पर सुहागा साबित हो सकती है. यह न केवल पशुओं के लिए पौष्टिक चारा बनती है बल्कि खेतों की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण को बचाने में भी अहम भूमिका निभाती है.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान और युवा अब डेयरी फार्मिंग पर अधिक ध्यान दे रहे हैं. इससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है. हालांकि पशुपालन में सबसे जरूरी चीज होती है — सही आहार. जब तक पशुओं को पौष्टिक आहार नहीं मिलेगा, तब तक दूध उत्पादन पर असर पड़ता है. यही वजह है कि किसान अक्सर पशुओं के चारे की समस्या से जूझते हैं. लेकिन सर्दियों में धान की बची हुई पराली यानी पुआल को पशुओं के आहार के रूप में इस्तेमाल करके किसान इस समस्या से आसानी से निपट सकते हैं.

पराली में छिपा पोषण का राज
धान की पराली में रेशा यानी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो पशुओं के पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि कच्ची पराली में प्रोटीन और ऊर्जा की मात्रा कम होती है, लेकिन वैज्ञानिक इसके पौष्टिक उपयोग के लिए खास उपचार की सलाह देते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर पराली को 4% यूरिया मिश्रण से ट्रीट किया जाए तो उसमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है और यह पशुओं के लिए अधिक पचने योग्य बन जाती है.

पर्यावरण के लिए भी लाभकारी
लखीमपुर खीरी के कृषि उपनिदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि किसान सर्दियों में जहां पशु बैठते हैं वहां पराली बिछा सकते हैं. पशुओं का मूत्र और गोबर इस पराली को धीरे-धीरे जैविक खाद में बदल देता है. जब यह खाद खेतों में डाली जाती है तो मिट्टी की उर्वरता बढ़ जाती है और रासायनिक खाद पर निर्भरता भी कम होती है. इससे किसानों की लागत घटती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता.

गिरीश चंद्र का कहना है कि किसान पराली को जलाने के बजाय इसका सही उपयोग करें. इससे न केवल पशुओं को पौष्टिक आहार मिलेगा बल्कि खेतों को प्राकृतिक खाद भी मिलेगी. यानी एक ही उपाय से किसान को दोहरा फायदा होगा.

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें

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