अगोले की कटाई से लेकर तौलाई तक, गन्ना किसानों के लिए जरूरी टिप्स, ये 5 तरीके बढ़ाएंगे वजन
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Sugarcane farming tips : गन्ने की कटाई का सीजन चरम पर है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में किसान अक्सर अपनी मेहनत की पूरी कीमत नहीं वसूल पाते. गन्ने का अच्छा वजन और बेहतर रिकवरी प्राप्त करने के लिए कटाई का तरीका और समय बेहद महत्त्वपूर्ण है. एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर प्रबंधन से किसान अपनी आय में ग्रोथ कर सकते हैं. जैसे अगोले को ज्यादा नीचे से न काटें, क्योंकि इससे ऊपरी पोरियों का रस सूखने लगता है. आइए ऐसी ही जरूरी बातें जानते हैं.
गन्ने की कटाई हमेशा जमीन की सतह से सटाकर करनी चाहिए. गन्ने का सबसे भारी और मीठा हिस्सा जमीन के पास वाला होता है. अगर ऊपर से कटाई की जाती है, तो वजन कम मिलता है और अगली पेड़ी फसल के फुटाव में भी समस्या आती है.

कटाई के तुरंत बाद सूखी पत्तियों और हरे अगोले को ठीक से अलग कर लेना चाहिए. अगोले को ज्यादा नीचे से न काटें, क्योंकि इससे ऊपरी पोरियों का रस सूखने लगता है. पत्तियां हटाने से वजन तो थोड़ा कम दिखता है, लेकिन मिल में रिजेक्शन का खतरा खत्म हो जाता है.

गन्ने का वजन बढ़ाने का सबसे सरल उपाय है उसे कटने के 24 घंटे के भीतर तौल केंद्र पर पहुंचा दें. कटा हुआ गन्ना जितनी देर धूप में रहेगा, उसका पानी सूखेगा और वजन तेजी से घटेगा. देरी होने पर गन्ने की गुणवत्ता और वजन दोनों प्रभावित होते हैं.
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कटाई हमेशा गन्ने की वैरायटी और उसकी परिपक्वता के आधार पर ही करें. पहले अगेती प्रजातियों की कटाई करें और फिर सामान्य प्रजातियों की कटाई करें. अपरिपक्व गन्ना काटने से चीनी की रिकवरी कम आती है और वजन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलता.

कटाई के बाद खेत में बची पत्तियों को जलाना नहीं चाहिए. इन पत्तियों को मल्चिंग के रूप में इस्तेमाल करें या मशीन से काटकर मिट्टी में मिला दें. इससे मिट्टी की नमी बनी रहती है और अगली फसल के लिए जैविक खाद तैयार होती है, जिससे लागत कम होती है.

अगर किसी कारणवश गन्ने को खेत में रोकना पड़े, तो उसे सूखी पत्तियों से ढंककर छाया में रखें. गन्ने के ढेरों पर हल्का पानी छिड़कने से नमी बरकरार रहती है और वजन घटने की रफ्तार कम हो जाती है. हालांकि, इसे जल्द से जल्द मिल भेजना ही सबसे बेहतर है.