यह सिर्फ मेरा नहीं… अशोक चक्र मिलने के बाद शुभांशु शुक्ला की पोस्ट
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Shubhanshu Shukla News: अशोक चक्र मिलने के बाद शुभांशु शुक्ला ने पोस्ट कर खुशी जताई है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यह मेरे लिए गहरे सम्मान और विनम्रता का क्षण है कि आज मुझे माननीय राष्ट्रपति जी से देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार प्राप्त हुआ. यह सम्मान भले ही मेरे नाम से जुड़ा हो, लेकिन वास्तव में यह सिर्फ मेरा नहीं है.
लखनऊः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सोमवार को भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार-अशोक चक्र प्रदान किया. अशोक चक्र मिलने के बाद शुभांशु शुक्ला ने पोस्ट कर खुशी जताई है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यह मेरे लिए गहरे सम्मान और विनम्रता का क्षण है कि आज मुझे माननीय राष्ट्रपति जी से देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार प्राप्त हुआ. यह सम्मान भले ही मेरे नाम से जुड़ा हो, लेकिन वास्तव में यह सिर्फ मेरा नहीं है. यह उन अनगिनत लोगों के सामूहिक साहस, शांत बलिदानों और अटूट समर्पण का प्रतीक है, जो निःस्वार्थ भाव से देश की सेवा करते हैं.’
शुभांशु शुक्ला ने कहा- आज यह पदक पहनना उससे भी बड़ा सम्मान
इसके अलावा उन्होंने लिखा कि अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है. आज यह पदक पहनना उससे भी बड़ा सम्मान है, क्योंकि मैं इसे अपने उन सभी साथियों की ओर से धारण कर रहा हूं, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अथक परिश्रम किया, त्याग किए और एक ऐसे मिशन पर विश्वास किया जो किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा था. मैं भारत सरकार और देश की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनका प्रेम, प्रोत्साहन और अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रति असीम जिज्ञासा मुझे लगातार प्रेरित करती रही है. यह पदक सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है. यह याद दिलाने वाला कि हमारी यात्रा अभी शुरू ही हुई है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना होगा कि अंतरिक्ष यात्रा का सपना और अधिक भारतीयों के लिए सुलभ बन सके. आपके विश्वास और भरोसे के लिए धन्यवाद.
26 जनवरी को राष्ट्रपति ने दिया अशोक चक्र
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजधानी में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान शुक्ला को यह पुरस्कार प्रदान किया. शुक्ला पिछले साल जून में अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत आईएसएस जाने वाले पहले भारतीय बने. शुक्ला ने 18 दिवसीय अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा 1984 में रूसी सोयूज-11 अंतरिक्ष मिशन के तहत उड़ान भरने के 41 साल बाद की.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें