महाशिवरात्रि पर शिवलिंग क्यों विशेष? जानिए काशी के ज्योतिषाचार्य से

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महाशिवरात्रि पर शिवलिंग क्यों विशेष? जानिए काशी के ज्योतिषाचार्य से


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काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, भगवान शिव का शिवलिंग स्वरूप में प्रकट होना फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि के दिन हुआ था. इसलिए इस खास दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनचाही मुरादें पूरी होती हैं.

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वाराणसी. शिवलिंग को भगवान शिव का रूप माना जाता है. सदियों से शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा ही. भारत में उत्तर से दक्षिण तक शिवलिंग की पूजा कि जाती है. धार्मिक मान्यता है कि महादेव के शिवलिंग स्वरूप की पूजा से मनुष्य को हर तरह के कष्ट से मुक्ति मिल जाती है. शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई? पुराणों में इसका क्या उल्लेख है, आइए जानते है काशी के ज्योतिषाचार्य से इसके बारे में….

शिवलिंग के उत्पत्ति से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित है. कहा जाता है एक बार परमपिता ब्रह्मा और भगवान शिव के बीच कौन शक्तिशाली है इसको लेकर विवाद छिड़ गया. इस दौरान ही तेज आवाज के साथ चमकीले पत्थर के स्वरूप सामने आया. जिसका एक छोर धरती और दूसरा स्वर्गलोक में था. परमपिता ब्रह्मा और भगवान विष्णु दोनो ही इस पत्थर नुमा आकार का अंत ढूंढने का प्रयास किया. लेकिन, जब उन्हें इसका अंत नहीं मिला तो आकाशवाणी से आवाज आई कि ‘मैं ही शिव हूं मेरा आदि है न अंत.’तभी भगवान शिव प्रकट हो गए और परमपिता ब्रह्मा ने भी उन्हें शक्तिशाली मान लिया.

महाशिवरात्रि के दिन हुए थे प्रकट
काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि जिस दिन भगवान शिव की उत्पत्ति शिवलिंग स्वरूप में हुई है वो दिन फाल्गुल कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि का दिन था. इसलिए इस दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव अतिशीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनचाही मुरादें भी पूरी करतें है.

ये है शिवलिंग शाब्दिक अर्थ
शिवलिंग का दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है. शिव और लिंग, जिसमें ‘शिव’ का अर्थ कल्याणकारी और ‘लिंग’ का अर्थ सृजन से है. यानी शिवलिंग का अर्थ ब्राह्मण का सृजन और कल्याण करना है.

जरूर चढ़ानी चाहिए ये चींजे
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर कुछ खास चींजे चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा मिलती है. इस दिन शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, शहद, भस्म, चंदन आदि अर्पित करना चाहिए. इसके साथ ही षोडशोपचार विधि से शिवलिंग की पूजा से भी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

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