चुनार किले से लेकर जरगो डैम तक…मिर्जापुर की ये बेस्ट लोकेशन, न आकर पछताओगे बहुत

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चुनार किले से लेकर जरगो डैम तक…मिर्जापुर की ये बेस्ट लोकेशन, न आकर पछताओगे बहुत


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अगर आप मिर्जापुर घूमने आ रहे हैं तो ये स्थान आपके लिए बेस्ट हैं. अगर आपने यहां पर घूमना मिस कर दिया तो मिर्जापुर घूमना बेकार हो जाएगा. कम दूरी पर मौजूद ये स्थान पर्यटकों के लिए ऑल टाइम बेस्ट हैं. यहां कई झरने भी हैं, जो आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे. लगेगा कि आप उत्तराखंड की पहाड़ियों में आ गए हैं. अगर परिवार के साथ आ रहे हैं तो मां विंध्यावासिनी धाम में दर्शन करना न भूलें. चुनार का किला भी जा सकते हैं. जरगो बांध का नजारा समुद्र की तरह दिखता है.

मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहां पर कई ऐसे स्थान हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व रखते हैं. मिर्जापुर को धार्मिक नगरी कहा जाता है. हालांकि, यह नगरी ऐतिहासिक भी है. यहां पर कई प्राकृतिक झरने भी हैं, जो आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे. आपको लगेगा कि आप उत्तराखंड की पहाड़ियों में आ गए हैं. मिर्जापुर में आप मां विंध्यवासिनी धाम, चुनार का किला, जरगो डैम, सिद्धनाथ की दरी या मिनी गोवा खडंजा फॉल घूम सकते हैं. अगर आपने यहां पर घूमना मिस कर दिया तो मिर्जापुर घूमना बेकार हो जाएगा. कम दूरी पर मौजूद पांचों स्थान पर्यटकों के लिए बेस्ट हैं.

विदेशी से भी आते लोग

मिर्जापुर जिले के विंध्याचल में स्थित मां विंध्यवासिनी धाम को आस्था का केंद्र माना जाता है. यहां पर मां सशरीर विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि मां के दर्शन करने से भक्तों के हर काम पूरे हो जाते हैं. मां विंध्यावासिनी धाम में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भक्त दर्शन पूजन के लिए आते हैं. अगर परिवार के साथ मिर्जापुर आ रहे हैं तो मां विंध्यावासिनी धाम में दर्शन करना न भूलें. मिर्जापुर में ऐतिहासिक स्थल चुनार का किला है. राजा सहदेव ने इस किले का निर्माण कराया था. यहां मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक ने राज किया है. यहां भी जा सकते हैं.

रह जाओगे देखते

जिले में सबसे बड़ा बांध जरगो है. जरगो बांध का नजारा समुद्र की तरह नजर आता है. पानी और बादलों में दूरी मानों खत्म सी नजर आती है. यहां पर कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है. अगर आप प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना चाहते हैं तो मिर्जापुर जिले में सिद्धनाथ की दरी उत्तम है. सिद्धनाथ की दरी में पानी 100 फीट ऊपर से गिरता है. यह दृश्य मनोरम है. पानी के दूधिया दिखने से नजारा और भी खास लगता है. मिनी गोवा की तरह नजर आने वाले खड़ंजा फॉल घूमना नहीं भूले. यह जिला मुख्यालय से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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