मेष में चंद्रमा, कुंभ में सूर्य…22 फरवरी को कैसा रहेगा ग्रहों का संयोग, आज पैदा बच्चा क्यों होगा होशियार, जानें

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मेष में चंद्रमा, कुंभ में सूर्य…22 फरवरी को कैसा रहेगा ग्रहों का संयोग, आज पैदा बच्चा क्यों होगा होशियार, जानें


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हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम के लिए मुहूर्त जरूर देखा जाता है. ज्योतिष गणना के हिसाब से डेली ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव होता है. आज 22 फरवरी है. आइये अयोध्या के आचार्य सीताराम दास से जानते हैं कि आज ग्रह नक्षत्र की स्थिति कैसी होगी औज आज जन्म लेने वाले बच्चों पर इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा. लोकल 18 से बात करते हुए आचार्य सीताराम कहते हैं कि अगर आज बच्चे का जन्म अश्विनी नक्षत्र में होता है, तो वो तेजस्वी, ऊर्जावान, साहसी और नेतृत्व क्षमता से भरपूर रहेगा. चंद्र राशि मेष होने से बच्चे का स्वभाव उत्साही, सक्रिय और आत्मविश्वासी हो सकता है.

अयोध्या. मानव जीवन में कोई भी शुभ अथवा मांगलिक कार्य करने से पहले मुहूर्त जरूर देखा जाता है. शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य शुभ फल देता है. अशुभ मुहूर्त में किया गया काम कई तरह की परेशानियों को भी उत्पन्न कर सकता है. यही वजह है कि लोग कोई भी शुभ कार्य करने से पहले ज्योतिषीय सलाह लेते हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव होता है. आज 22 फरवरी है. आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी, आज जन्म लेने वाले बच्चों पर इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा. लोकल 18 ने इस बारे में अयोध्या के आचार्य सीताराम दास से बात की. वे बताते हैं कि 22 फरवरी 2026, रविवार का दिन पंचांग की दृष्टि से विशेष महत्त्व रखता है. इस दिन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 11:11 बजे तक रहेगी, उसके बाद षष्ठी प्रारंभ हो जाएगी.

नक्षत्र की बात करें तो अश्विनी नक्षत्र शाम 5:55 बजे तक रहेगा, फिर भरणी नक्षत्र आरंभ होगा. योग शुक्ल दोपहर 1:09 बजे तक और उसके बाद ब्रह्मा योग रहेगा. करण में बालव सुबह 11:09 बजे तक और फिर कौलव रहेगा. चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य कुंभ राशि में रहेगा. अभिजीत मुहूर्त 11:50 AM से 12:34 PM तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम है. राहुकाल 4:31 PM से 5:57 PM तक रहेगा, जिसे पारंपरिक रूप से अशुभ माना जाता है.

पंडित सीताराम दास के हिसाब से यदि इस दिन बच्चे का जन्म अश्विनी नक्षत्र में होता है, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा बच्चा तेजस्वी, ऊर्जावान, साहसी और नेतृत्व क्षमता वाला माना जाता है. अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु है, जो आध्यात्मिक झुकाव, तीव्र निर्णय क्षमता और जीवन में अचानक बदलावों का संकेत देता है. ऐसे बच्चों में स्वतंत्र विचारधारा और आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा होती है.

चंद्र राशि मेष होने से बच्चे का स्वभाव उत्साही, सक्रिय और आत्मविश्वासी हो सकता है. मेष राशि अग्नि तत्व की राशि है, इसलिए ऊर्जा और साहस इनमें प्रचुर मात्रा में रहता है. हालांकि, क्रोध और अधीरता पर नियंत्रण सिखाना आवश्यक होता है. सूर्य का कुंभ राशि में होना बच्चे को नवाचार, सामाजिक सोच और मानवता की भावना की ओर प्रेरित कर सकता है. ऐसे बच्चे बड़े होकर समाजहित के कार्यों में रुचि ले सकते हैं.

इन अक्षरों से रखें नाम

पंडित सीताराम दास के मुताबिक, शुक्ल योग का प्रभाव सकारात्मकता, संतुलन और सफलता की संभावनाओं को बढ़ाता है. यदि जन्म अभिजीत मुहूर्त में हो, तो इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है. हालांकि राहुकाल को लेकर पारंपरिक मान्यताएं अलग हैं, आधुनिक विज्ञान जन्म के समय को भाग्य निर्धारण का आधार नहीं मानता. नामकरण के लिए अश्विनी नक्षत्र के चार चरणों के अनुसार “चु, चे, चो, ला” अक्षर शुभ माने गए हैं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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