मां विंध्यवासिनी धाम में गंगा घाट का बदलेगा रूप, 7 करोड़ में बन रहा नमो घाट थीम पर बन रहा पाथवे, जानें डिटेल्स

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मां विंध्यवासिनी धाम में गंगा घाट का बदलेगा रूप, 7 करोड़ में बन रहा नमो घाट थीम पर बन रहा पाथवे, जानें डिटेल्स


मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद हरी की पैड़ी और नमो घाट की तर्ज पर गंगा घाट का निर्माण कराया गया है. हरी की पैड़ी की तर्ज पर सभी गंगा घाटों को एक साथ जोड़कर पाथवे बनाया जा रहा है, जहां नमो घाट की तर्ज पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं. मां विंध्यवासिनी धाम के विकास को लेकर शासन लगातार प्रयासरत है. ऐसे में पूरे क्षेत्र का विकास कराया जा रहा है.

सरकार की ओर से कॉरिडोर बनाने के बाद गंगा घाट का निर्माण चल रहा है. काम इसी तरीके से चलता रहा, तो आने वाले पांच से छह महीने में यह बनकर तैयार हो जाएगा, जहां भक्तों को भी सहूलियत मिलेगी. अभी तक विंध्याचल में महज एक ही पक्का घाट है. नए निर्माण में सभी घाटों को पक्का कर दिया जाएगा.

घाटों का होगा पक्का निर्माण

विंध्याचल में पक्काघाट, चिकानघाट, बलुआघाट, दुर्गाघाट, इमलीघाट, परशुराम घाट, गुदारा घाट व अखाड़ा घाट सहित अन्य घाटों को एक किया जा रहा है. प्रस्तावित कार्य के अनुसार, डेढ़ किलोमीटर तक घाटों के किनारे पक्का निर्माण कराया जाएगा, जहां करीब 500 मीटर लंबा पाथवे बनाया जाएगा. यह करीब 32 मीटर चौड़ा होगा.

पाथवे का निर्माण काम तेजी के साथ चल रहा है. घाटों का निर्माण होने के बाद गुलाबी पत्थरों से नव्य व भव्य स्वरूप दिया जा रहा है. अगर इसी तेजी के साथ काम चलता रहा, तो करीब 4 से 5 महीनों में काम पूरा हो जाएगा और नए घाट का भी दीदार श्रद्धालु कर सकेंगे.

ये होंगी सुविधाएं

विंध्याचल में नवनिर्मित गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा जाएगा. इसमें शुद्ध पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम व उनके बैठने के लिए जगह इत्यादि बनाए जाएंगे. गंगा आरती व सांध्य कार्यक्रम के लिए मंच का निर्माण कराया जाएगा. घाटों पर जयपुर से आए कारीगर गुलाबी पत्थरों को नक्कासी के माध्यम से दिव्य रूप दे रहे हैं. यही वजह है कि इसकी खूबसूरती कई गुना तक बढ़ जा रही है. अभी तक विंध्याचल में गंगाघाट पर व्यवस्थाएं नहीं थीं. हालांकि नए प्रोजेक्ट में हर व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है.

77 करोड़ हो रहे हैं खर्च

विंध्याचल में बन रहे नए गंगाघाट के निर्माण में 77 करोड़ रुपये खर्च होंगे. तेजी के साथ काम जारी है. कार्यदाई संस्था के अधिकारियों ने बताया कि अगर बजट प्रभावित नहीं होता है, तो अप्रैल से मई महीने तक काम पूरा कर लिया जाएगा. कुछ घाटों पर निर्माण काम 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है. वहीं, कुछ घाटों पर निर्माण काम जारी है. जल्द से जल्द उसे भी पूर्ण कर लिया जाएगा.



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