अभी रेट स्थिर, लेकिन कब तक? ग्रेटर नोएडा में ईंधन को लेकर बढ़ी बेचैनी
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ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें फिलहाल स्थिर जरूर हैं, लेकिन खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव ने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव का असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर पड़ सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर आम जनता, पेट्रोल पंप संचालक और विशेषज्ञ आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में बदलाव की संभावना पर नजर बनाए हुए हैं.
ग्रेटर नोएडा. खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है. भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि स्थानीय स्तर पर फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर हैं, लेकिन आम जनता और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच भविष्य को लेकर चिंता साफ नजर आ रही है.
फिलहाल रेट स्थिर, आगे बढ़ोतरी की आशंका
स्थानीय पेट्रोल पंप संचालक मुकुल गोयल के अनुसार पिछले कुछ महीनों से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वर्तमान में पेट्रोल 95.72 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल 88.83 रुपए प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है. उनका कहना है कि अभी तक स्थिति सामान्य है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे आगे चलकर कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
आपूर्ति और शेयर बाजार के संकेत
स्थानीय निवासी रमेश चांदनी का कहना है कि युद्ध की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जिससे खाड़ी देशों में तेल उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जो भविष्य में संभावित मूल्य वृद्धि का संकेत देती है. उनका मानना है कि यदि हालात लंबे समय तक अस्थिर रहे तो पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ना लगभग तय है.
आयात पर निर्भरता बढ़ाएगी दबाव
आलोक सिंह ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है. ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से परिवहन लागत, बीमा खर्च और आपूर्ति शृंखला पर असर पड़ सकता है. उनका कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा और सरकार को भी मूल्य निर्धारण को लेकर कठिन फैसले लेने पड़ सकते हैं.
महंगाई का डर सता रहा आम आदमी को
स्थानीय निवासी संदीप ने आशंका जताई कि यदि पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ेगा. उनका कहना है कि महंगाई पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ रही है, ऐसे में ईंधन महंगा हुआ तो मध्यम और निम्न आय वर्ग पर सीधा बोझ बढ़ेगा.
राहत की उम्मीद भी कायम
हालांकि सभी लोग बढ़ोतरी को लेकर एकमत नहीं हैं. रचित गुप्ता का मानना है कि फिलहाल कीमतों में वृद्धि नहीं होनी चाहिए और सरकार व तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने का प्रयास करेंगी. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से दाम स्थिर रहने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है और उम्मीद है कि यह स्थिति बनी रहेगी. कुल मिलाकर, फिलहाल ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल-डीज़ल के दाम स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों की दिशा पूरी तरह वैश्विक बाजार के रुख पर निर्भर करेगी.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें