पापा के शौक को बनाया जुनून, पीलीभीत के हर्षल ने बसाई 6000 पौधों वाली कैक्टस की दुनिया

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पापा के शौक को बनाया जुनून, पीलीभीत के हर्षल ने बसाई 6000 पौधों वाली कैक्टस की दुनिया


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Cactus Garden Pilibhit: क्या कैक्टस वाकई घर में नकारात्मकता लाता है? पीलीभीत के हर्षल सिंह ने इस पुरानी सोच को चुनौती दी है. उन्होंने 500 से ज्यादा विदेशी प्रजातियों और हजारों पौधों के साथ एक ऐसा ‘कांटों का बगीचा’ तैयार किया है, जिसे देखकर आपकी आंखें खुली रह जाएंगी. उनके पास मेक्सिको से लेकर थाईलैंड तक के दुर्लभ कैक्टस की प्रजातियां है.

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक युवा ने अपनी मेहनत और शौक से उस गलतफहमी को दूर कर दिया है, जिसे लोग सालों से मानते आ रहे थे. आमतौर पर घरों में कैक्टस को ‘कांटेदार’ और ‘अशुभ’ मानकर लगाने से परहेज किया जाता है, लेकिन हर्षल सिंह ने अपनी छत पर कैक्टस की एक ऐसी दुनिया बनाई है जो न केवल आंखों को सुकून देती है बल्कि घर में पॉजिटिविटी भी लाती है.

विरासत में मिला कांटों से प्यार
हर्षल का कैक्टस से लगाव कोई नया नहीं है. लोकल 18 से बातचीत में वे बताते हैं कि कैक्टस उगाने की यह शुरुआत उनके पिता ने साल 1985-86 के आसपास की थी. बचपन से ही इन पौधों को बड़ा होते देख हर्षल का इनसे गहरा जुड़ाव हो गया. पढ़ाई पूरी करने और नौकरी के कुछ साल बिताने के बाद, उन्होंने अपने पिता के इस शौक को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया. आज उनके पास 5 से 6 हजार कैक्टस के पौधे हैं, जो उनकी छत की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं.

दुनियाभर की दुर्लभ प्रजातियां एक ही छत पर
हर्षल के पास सिर्फ साधारण कैक्टस नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे दुर्लभ और खूबसूरत प्रजातियां मौजूद हैं. उनके पास मेक्सिको, जापान और थाईलैंड जैसे देशों की 500 से ज्यादा विदेशी किस्में हैं. ये पौधे अपनी अनोखी बनावट और अलग-अलग रंगों के कारण किसी का भी मन मोह सकते हैं. हर्षल का मानना है कि कैक्टस लगाना धैर्य का काम है और यह पौधा इंसान को शांत रहना सिखाता है.

जब कांटों के बीच मुस्कुराते हैं फूल
हर्षल के गार्डन की सबसे खास बात ‘जिम्नोकैल्शियम’ जैसी दुर्लभ प्रजातियां हैं, जिन पर सफेद और गुलाबी रंग के बेहद खूबसूरत फूल खिलते हैं. इन कांटों के बीच से निकलने वाले ये फूल प्रकृति की अद्भुत कारीगरी का अहसास कराते हैं. हर्षल का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, उनके बगीचे में फूलों की रौनक और बढ़ जाएगी. वे साफ कहते हैं कि कैक्टस अशुभ नहीं बल्कि एक कला है, जिसे समझने की जरूरत है.

नजरिया बदलने की कोशिश
पीलीभीत के इस कैक्टस गार्डन ने लोगों को यह संदेश दिया है कि कोई भी पौधा अपने आप में बुरा नहीं होता. यह सब हमारे नजरिए पर निर्भर करता है. हर्षल के गार्डन में आने वाले लोग जब इन कांटेदार पौधों पर सुंदर फूल देखते हैं, तो उनकी सोच अपने आप बदल जाती है. आज हर्षल पीलीभीत में ‘कैक्टस मैन’ के नाम से मशहूर हो रहे हैं और उनका यह जुनून दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें



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