रबी फसल की मड़ाई में उड़ रही धूल, बढ़ रहा बीमारी का खतरा, मजदूरों को बरतनी होगी सावधानी
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डॉक्टर साउथ ने बताया कि जब मजदूर गेहूं और सरसों की कटाई कर रहे होते है तो कटाई के दौरान निकलने वाली धूल आंख, नाक, कान और सांस के जरिए अंदर प्रवेश कर जाती है. अगर यह धूल सांस के जरिए अंदर पहुंच जाती है तो एलर्जी और सांस फूलने की समस्या उत्पन्न हो सकती है जो गंभीर हो जाती है. कुछ लोगों को खांसी भी होने लगती है.
रबी फसलों की कटाई और मड़ाई के सीजन के शुरू होते ही खेतों में धूल और भूसा तेजी से हवा में फैलने लगा है, जिसका असर मजदूरों पर अधिक पड़ रहा है. इनकी सेहत पर इसका सीधा प्रभाव देखा जा सकता है. खासकर तब जब वे सरसों की मड़ाई में जुटे होते है. मड़ाई के दौरान धूल ज्यादा उड़ती है और ट्रैक्टर से निकली धूल सीधा आंख, नाक और मुंह पर पड़ती है. जिससे लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो जाते है. खेतों में मड़ाई के दौरान धूल और भूसे के संपर्क में आने से लोगों को छींक, खांसी, एलर्जी और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो रही है. बुजुर्ग, बच्चे और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे है. ऐसे में मजदूरों को मड़ाई करते समय अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इन चीजों से बचाव करने की जरूरत है.
मजदूर जब भी रबी की फसल की मड़ाई करने जाएं तो सबसे पहले उन्हें अपने हाथों पर ग्लव्स पहनने चाहिए और पूरे चेहरे को कपड़े से ढक लेना चाहिए या मास्क लगाना चाहिए. मड़ाई के दौरान आंखों पर चश्मा लगाना अनिवार्य है क्योंकि धूल आंखों में पहुंचकर काफी दिक्कत पैदा कर सकती है, जिससे काम करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में मजदूर बीमार होकर अपने काम को बाधित कर देते है और अस्पतालों के चक्कर लगाने लगते है. जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए मजदूरों को इन बातों का ध्यान रखते हुए कार्य करना चाहिए.
डॉक्टर साउथ ने बताया कि जब मजदूर गेहूं और सरसों की कटाई कर रहे होते है तो कटाई के दौरान निकलने वाली धूल आंख, नाक, कान और सांस के जरिए अंदर प्रवेश कर जाती है. अगर यह धूल सांस के जरिए अंदर पहुंच जाती है तो एलर्जी और सांस फूलने की समस्या उत्पन्न हो सकती है जो गंभीर हो जाती है. कुछ लोगों को खांसी भी होने लगती है.
इस स्थिति में मजदूरों को अपने नाक, कान और आंख को पूरी तरह ढक कर काम करना चाहिए. मड़ाई के दौरान मजदूरों को अपने मुंह पर गमछा या मास्क लगाना चाहिए और आंखों पर चश्मा पहनना चाहिए. अगर मजदूर गमछे का उपयोग करते है तो वे नाक, कान और मुंह को एक साथ ढक सकते है. इन उपायों को अपनाकर मजदूर इन बीमारियों से बच सकते है. अन्यथा उन्हें बीमारियों से जूझना पड़ेगा.