श्रमिकों के लिए वरदान है श्रम विभाग की यह योजना, बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए मिल रही मदद 

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श्रमिकों के लिए वरदान है श्रम विभाग की यह योजना, बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए मिल रही मदद 


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श्रम विभाग द्वारा संचालित संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत कामगार श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. कक्षा 6 से 12 तक 2000–3000 रुपये, स्नातक के लिए 24,000 रुपये और प्रोफेशनल कोर्स के लिए 60,000 रुपये तक की मदद दी जाती है. हाईस्कूल व इंटर में 70% से अधिक अंक लाने पर 5000–7000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है.

आजमगढ़. आज के समय में अच्छी शिक्षा ही एक मूल आधार है जिससे अपने जीवन को अपने रहन-सहन और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है. लेकिन समय के साथ-साथ बढ़ती महंगाई का असर अब शिक्षा पर भी पड़ने लगा है, शिक्षा प्राप्त करना अब बेहद कठिन होता जा रहा है. वही यह उनके लिए और कठिन है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या घर चलाने के लिए मजदूरी या श्रमिकों का कार्य करते हैं. ऐसे श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की तरफ से भी कई तरह की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे कामगार श्रमिक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करा सके. इसी के अंतर्गत कामगार श्रमिकों के बच्चों की बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराते हुए उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सके इसके लिए श्रम विभाग की तरफ से संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना का संचालन किया जा रहा है. जिसमें श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसकी मदद से वह अच्छे से संस्थानों में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सके. इस योजना के अंतर्गत श्रमिक कामगारों के अधिकतम दो बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए खर्च उपलब्ध कराया जाता है, इसमें एक मुश्त सहायता राशि विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है.

प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए भी दी जाती है राशि

इसी मदद से इन बच्चों की पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था बेहतर हो सके, इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों को दो से 3000 तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा स्नातक आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कोर्सेज के लिए भी सरकार की तरफ से इन बच्चों को 12000 तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इसके साथ ही यदि बच्चा उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए भी सरकार के द्वारा व्यवस्था की जा रही है. इन बच्चों को स्नातक के लिए 24000 की आर्थिक मदद दी जाती है, ताकि वह अपनी आगे की पढ़ाई को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें. इसके साथ ही यदि कोई बच्चा प्रोफेशनल कोर्सेज में शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए भी 60,000 की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का प्रावधान है. पढ़ाई लिखाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाती है. यदि बच्चा हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में 70% से अधिक अंक प्राप्त करता है तो उसे 5000 से 7000 बतोर प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है. आजमगढ़ श्रम आयुक्त राजीव सिंह ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक कामगार श्रमिक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से ऑफिस में आकर आवेदन कर सकते हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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