साहब, ये मीटर है या मुसीबत? फिरोजाबाद में स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर लोग
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में इन दिनों बिजली विभाग और आम जनता के बीच ‘स्मार्ट मीटर’ को लेकर ठन गई है. विभाग की टीमें घर-घर जाकर पुराने मीटरों को बदलकर नए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा रही हैं, लेकिन जनता इसे अपनाने को तैयार नहीं है. कहीं मोहल्लों में नारेबाजी हो रही है, तो कहीं विभाग की टीमों को बैरंग वापस लौटाया जा रहा है. उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि ये नए मीटर उनकी जेब पर डाका डालने और मानसिक परेशानी बढ़ाने का जरिया बन रहे हैं.
क्यों डरे हुए हैं उपभोक्ता?
फिरोजाबाद के दुली मोहल्ले समेत कई इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ है, लेकिन इसके साथ ही विरोध की लहर भी तेज हो गई है. स्थानीय निवासी मुकेश अग्रवाल का कहना है कि विभाग पुराने सही-सलामत मीटरों को हटाकर जबरन नए मीटर थोप रहा है. मुकेश के मुताबिक,
इन मीटरों में सबसे बड़ी समस्या सप्लाई की है. अगर बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट गई, तो पैसा जमा करने के घंटों बाद भी सप्लाई शुरू नहीं होती. ऐसे में परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हो जाता है.
प्रीपेड व्यवस्था और ‘लूट’ का डर
स्मार्ट मीटर असल में एक प्रीपेड सिस्टम पर काम करते हैं. इसका मतलब है कि आपको मोबाइल की तरह पहले पैसा डालना होगा, तभी घर में रोशनी जलेगी. चाय की दुकान चलाने वाले रिंकू ने बताया कि विभाग के कर्मचारी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं. पूछने पर बस इतना कहते हैं कि यह पहले जैसा ही है. रिंकू सवाल उठाते हैं,
हमें नहीं पता बिल कैसे आएगा, रिचार्ज कैसे होगा और अचानक पैसा खत्म हुआ तो हम क्या करेंगे? यह आम आदमी के साथ बिजली बिल के नाम पर लूट की तैयारी है.
तकनीकी खामियां बनी मुसीबत का सबब
क्षेत्र के निवासी निर्मल कुमार ने बताया कि जिन घरों में यह मीटर लग चुके हैं, वहां के अनुभव बेहद कड़वे रहे हैं. लोगों का कहना है कि,
बैलेंस रहने के बावजूद कई बार तकनीकी खराबी से सप्लाई रुक जाती है. रिचार्ज करने के बाद सर्वर की वजह से बिजली आने में लंबा समय लगता है. आम लोगों को इस मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में कोई ट्रेनिंग या जानकारी नहीं दी गई है.
जब तक स्थिति साफ नहीं, तब तक मीटर नहीं!
लोगों में इस बात को लेकर गहरा कंफ्यूजन है कि क्या ये मीटर तेज भागते हैं? क्या इनमें ज्यादा पैसा कटेगा? उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार और बिजली विभाग इन मीटरों के फायदों और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं करते, वे अपने घरों में मीटर नहीं लगने देंगे. फिलहाल, शहर के कई हिस्सों में तनाव का माहौल है और लोग एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं.