मैनाठेर बवाल कांड: मुरादाबाद कोर्ट का फैसला, 16 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
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Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में साल 2011 में भीड़ ने पुलिस पर बर्बरता की थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने 16 आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.
मैनाठेर बवाल कांड पर मुरादाबाद कोर्ट का फैसला
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में साल 2011 के चर्चित मैनाठेर बवाल प्रकरण में जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे-2 कृष्ण कुमार की कोर्ट ने 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा. बता दें कि यह पूरा मामला 6 जुलाई 2011 का है, जब मैनाठेर थाना क्षेत्र के असालतनगर बघा गांव में युवती से छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था. भीड़ ने कुरान के अपमान का आरोप लगाकर हिंसा भड़काई और हालात बेकाबू हो गए.
हिंसा के दौरान तत्कालीन एसएसपी/डीआईजी अशोक कुमार सिंह और उनकी टीम पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमलावरों ने उन्हें मरा हुआ समझकर छोड़ दिया था, लेकिन बाद में अस्पताल में उनका इलाज कर जान बचाई गई.
33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस मामले में कुल 33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें से 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई. सुनवाई के दौरान 3 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 नाबालिगों का मामला किशोर न्यायालय में लंबित है.
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
23 मार्च को कोर्ट ने 16 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद अब उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंजूर अहमद, मोहम्मद अली, हाशिम और फिरोज समेत अन्य आरोपियों ने मिलकर पुलिस अधिकारियों पर हमला किया था.
सरकारी अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने बताया कि यह मामला महिला से छेड़छाड़ और उसके बाद भड़की हिंसा से जुड़ा था, जिसमें पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों पर सुनियोजित हमला किया गया. कोर्ट के इस फैसले को कानून-व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.