अप्रैल की धूप से बचाएं अपने पौधों को, ये ट्रिक्स रखेंगे गार्डन हरा-भरा, जानिए
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अप्रैल का महीना आते ही तापमान बढ़ने लगता है और घर के बगीचे पर इसका असर दिखने लगता है. अगर पौधों की सही देखभाल न की जाए तो पत्तियां पीली और फूल झड़ने लगते हैं. कुछ आसान बागवानी उपाय अपनाकर आप अपने गार्डन को पूरे महीने हरा-भरा और खूबसूरत रख सकते हैं.
अप्रैल का महीना आते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और इसका सीधा असर घर के गार्डन पर पड़ता है. इस समय पौधों की सही देखभाल न की जाए तो पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और फूल झड़ने लगते हैं. बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर अप्रैल में भी गार्डन को हरा-भरा रखा जा सकता है.

दअरसल रायबरेली जिले में स्थित एसबी महाविद्यालय में गार्डनर के पद पर कार्यरत अरविंद कुमार बताते हैं कि अप्रैल में नियमित देखभाल, सही सिंचाई, जैविक खाद और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर गार्डन को हरा-भरा रखा जा सकता है. थोड़ी सी मेहनत से आपके घर का बगीचा पूरे महीने फूलों और ताजी हरियाली से भर सकता है.

सबसे पहले सिंचाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. गर्मी बढ़ने के साथ मिट्टी जल्दी सूख जाती है. इसलिए सुबह जल्दी या शाम को पौधों में पानी देना चाहिए. दोपहर के समय पानी देने से पौधों की जड़ों को नुकसान हो सकता है. गमलों में लगे पौधों की मिट्टी जल्दी सूखती है, इसलिए उनकी नमी नियमित जांचते रहे.
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पौधों को तेज धूप से बचाना भी जरूरी है. अप्रैल में धूप तेज होने लगती है. जिससे नाजुक पौधे मुरझा सकते है. ऐसे में शेड नेट या हल्के कपड़े की मदद से पौधों को आंशिक छाया दे. खासकर पत्तेदार पौधे और फूलों वाले पौधों को सीधी धूप से बचाना लाभकारी रहता है.

इस मौसम में मल्चिंग बेहद कारगर उपाय है. पौधों की जड़ों के आसपास सूखी पत्तियां, भूसा या नारियल की भूसी बिछाने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है. इससे बार-बार पानी देने की जरूरत कम पड़ती है और खरपतवार भी कम उगते है.

पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए खाद देना भी जरूरी है. अप्रैल में हल्की मात्रा में जैविक खाद देना फायदेमंद होता है. आप कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते है. इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते है और फूलों की संख्या बढ़ती है. ध्यान रखें कि खाद देने के बाद हल्की सिंचाई जरूर करें.

कीट और रोगों से बचाव भी अहम है. गर्मी बढ़ने पर एफिड, माइट और सफेद मक्खी जैसे कीट पौधों को नुकसान पहुंचाते है. इसके लिए नीम तेल का घोल बनाकर सप्ताह में एक बार छिड़काव करें. यह प्राकृतिक तरीका पौधों को सुरक्षित रखता है और रसायनों की जरूरत कम करता है.

पौधों की छंटाई भी इस समय फायदेमंद रहती है. सूखी और पीली पत्तियों को हटाने से नई शाखाएं निकलती है और पौधे घने बनते है. बेलदार पौधों को सहारा देना भी जरूरी है ताकि वे ठीक से बढ़ सके.