मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल को मेडिसिन विभाग का तोहफा! मरीजों के लिए क्या बदलेगा जानिए
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Mirzapur ki local news : अभी तक मेडिसिन विभाग न होने की वजह से विभागध्यक्ष के साथ दूसरे डॉक्टर इधर-उधर बैठते थे. ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ता था. एमबीबीएस के छात्रों की ट्रेनिंग भी प्रभावित हो रही थी. प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिंह लोकल 18 से कहते हैं कि डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के एकेडमिक ब्लॉक का पुनर्निर्माण कराया गया है. मेडिकल कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन सबसे प्रमुख विभाग होता है. अब यहां एमबीबीएस छात्रों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. मेडिसिन बड़ा विभाग है, यहां पर काफी संख्या में मरीज प्रतिदिन दिखाने के लिए आते हैं.
मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मंडलीय अस्पताल में नवनिर्मित मेडिसिन विभाग का उद्घाटन कर दिया गया है. मेडिसिन विभाग बनने से अब एक ही जगह पर डॉक्टर के साथ विभाग के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे. अभी तक मेडिसिन विभाग न होने की वजह से विभागध्यक्ष के साथ अन्य डॉक्टर इधर-उधर बैठते थे. ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ता था. एमबीबीएस के छात्रों की ट्रेनिंग भी प्रभावित होती थी. मेडिसिन विभाग बनने के बाद छात्रों को न सिर्फ सहूलियत मिलेगी बल्कि, मरीजों को भी लाभ मिलेगा. अलग विभाग बनने के बाद मरीज सहित अन्य लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. अब आसानी के साथ एक ही जगह पर संपूर्ण इलाज और जांच हो जाएगी.
कितना खर्च
प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिंह लोकल 18 से कहते हैं कि डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के एकेडमिक ब्लॉक का पुनर्निर्माण करके उद्घाटन किया गया है. पूजन के बाद इसे शुरू कर दिया गया है. इसमें बच्चों की पढ़ाई के लिए टीचिंग रूम, हेड ऑफ डिपार्टमेंट के लिए अपना चैम्बर, एकेडमिक व अन्य सुविधाएं मौजूद हैं. नेशनल मेडिकल के मानक के अनुरूप काम किया गया है. मेडिसिन विभाग को नया करने में 12 से 14 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज हो गया है. मेडिकल कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन सबसे प्रमुख विभाग होता है. अब यहां एमबीबीएस और एमडी के छात्रों के लिए शैक्षिक व ट्रेनिंग दोनों की व्यवस्था पर उपलब्ध होगी.
और भी होने हैं बदलाव
डॉ. संजीव बताते हैं कि यहां पर डॉक्टरों की ओर से एमबीबीएस छात्रों को ट्रेंड किया जाएगा. ट्रेनिंग के बाद मरीजों के लिए सुविधा मिलेगी. मेडिसिन लंबा विभाग है, यहां पर काफी संख्या में मरीज प्रतिदिन दिखाने के लिए आते हैं. डिपार्टमेंट बनने के बाद मरीज को एक ही जगह पर सुविधाएं मिल सकेंगी. कोशिश है कि अलग-अलग विभाग बनने के बाद मरीजों की परेशानी खत्म की जाएं. किसी को भटकना न पड़े. आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज में और परिवर्तन भी देखने को मिलेंगे, जो गुणवत्तापूर्ण हैं. इससे मरीजों को फायदा होगा.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें