अब औली और नैनीताल दूर नहीं! एक्सप्रेसवे से पहाड़ों का सफर हुआ सुपर फास्ट
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Delhi Dehradun Expressway: उत्तराखंड की हसीन वादियों और बर्फीले पहाड़ों का दीदार करने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक वरदान साबित होने जा रहा है. अब ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ट्रैफिक के घंटों लंबे इंतजार का दौर खत्म होने वाला है. इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल दिल्ली और सहारनपुर से उत्तराखंड की दूरी सिमट गई है, बल्कि रानीखेत, चोपता, औली, लैंसडाउन और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब पहले से कहीं अधिक आरामदायक और तेज हो गया है. आइए जानते हैं, इस एक्सप्रेसवे के बनने से आपकी यात्रा कितनी सुगम होने वाली है.
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 1829 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रानीखेत अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. इसे ‘कुमाऊं का रत्न’ भी कहा जाता है. यहां एशिया के सबसे ऊंचे और विशाल गोल्फ कोर्सों में से एक मौजूद है. इसके अलावा, रानीखेत अपने सेब, खुबानी और आड़ू के बगीचों के लिए भी मशहूर है. धार्मिक आस्था का केंद्र ‘झूला देवी मंदिर’ अपनी हजारों घंटियों के लिए प्रसिद्ध है. यहां आने वाले पर्यटक भालू बांध के शांत जलाशय और छावनी क्षेत्र की सुंदर रानी झील का आनंद ले सकते हैं. सहारनपुर से रानीखेत की दूरी मात्र 342 किलोमीटर है, जबकि दिल्ली से यह 500 किलोमीटर पड़ता है. एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली से आने वाले सैलानी बेहद कम समय में यहां पहुंच सकेंगे.

सहारनपुर से मात्र 168 किलोमीटर और दिल्ली से लगभग 330 किलोमीटर की दूरी पर बसा लैंसडाउन एक शांत हिल स्टेशन है. यह भारतीय सेना की प्रसिद्ध ‘गढ़वाल राइफल्स’ का मुख्यालय भी है. ओक और देवदार के घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र अपने औपनिवेशिक आकर्षण के लिए जाना जाता है. पहले खराब रास्तों और अधिक समय लगने के कारण लोग यहां आने से कतराते थे, लेकिन अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के माध्यम से यहां पहुंचना बेहद आसान और सुखद हो गया है.

क्या आप कभी औली गए हैं? अगर नहीं, तो अब योजना बना लीजिए. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आपको बिना किसी रुकावट के तेजी से औली पहुंचाएगा. सहारनपुर से 340 किलोमीटर और दिल्ली से 500 किलोमीटर दूर स्थित औली को प्रकृति ने अनूठे नजारों से नवाजा है. यह जगह ऐसी निर्मल है मानो यहां देवताओं का वास हो. सर्दियों में यहां की बर्फबारी सैलानियों को अवाक कर देती है. एक्सप्रेसवे के कारण अब पर्यटकों को दूरी की चिंता नहीं सताएगी.
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दरअसल, यह जगह प्रकृति के कई अनूठे नज़ारों से भरी है और आपकी कल्पनाओं को एक स्वप्निल दुनिया में समेट लेती है. उत्तराखंड का यह बर्फीला इलाका कई लोगों को अवाक कर देता है, और ऐसा होना स्वाभाविक भी है, क्योंकि यह एक ऐसी निर्मल जगह है जहां मानो देवता निवास करते हैं. इसलिए यहां पर घूमने की इच्छा रखने वाले लोग अब अपनी इच्छाओं को मन में दबाकर नहीं रख पाएंगे.

ऐसा ही एक हिल स्टेशन है चोपता, जिसकी सहारनपुर से दूरी मात्र 260 किलोमीटर है. जबकि दिल्ली से यह दूरी लगभग 420 किलोमीटर पड़ती है. चोपता वैली, जिसे ‘भारत का मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 2,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है. यह चारों ओर से ओक, देवदार और रोडोडेंड्रोन के जंगलों से घिरा है और तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक का आधार शिविर है.

यह केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित है, जो हरी-भरी घास के मैदानों (बुग्यालों) और हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों (जैसे चौखंबा) का अद्भुत नज़ारा पेश करता है. चोपता प्रसिद्ध तुंगनाथ मंदिर (दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर) और चंद्रशिला चोटी के लिए ट्रेकिंग का शुरुआती बिंदु है. चोपता से तुंगनाथ की दूरी 4 किमी है. चोपता में घूमने के लिए अब दिल्ली से आने वाले लोगों को भी ज्यादा सोचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी एक्सप्रेसवे के बनने से इस खूबसूरत हिल स्टेशन का सफर बेहद कम समय का हो जाएगा.

ऐसा ही एक खूबसूरत हिल स्टेशन है रानीखेत जोकि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 1829 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है, जिसे ‘कुमाऊं का रत्न’ कहा जाता है. देवदार के जंगलों, हिमालय के शानदार दृश्यों और ब्रिटिश-कालीन सैन्य छावनी के लिए प्रसिद्ध यह स्थान मार्च से जून और सितंबर से नवंबर में घूमने के लिए बेहतरीन है. यहां गोल्फ कोर्स, चौबटिया गार्डन और झूला देवी मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं.

जबकि, नैनीताल जोकि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जिसे ‘झीलों के शहर’ के रूप में जाना जाता है. यहां पर पहुंचना भी दिल्ली के लोगों को अब बेहद आसान हो जाएगा. एक्सप्रेसवे के बनने से हिल स्टेशन पर काफी रौनक भी बढ़ेगी. नैनीताल समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर है, जो गर्मियों में भी सुखद मौसम, नौका विहार, ट्रैकिंग और हिमालय के मनोरम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है. जबकि नैनीताल की सहारनपुर से दूरी मात्र 299 किलोमीटर है और एक्सप्रेसवे के बनने से यहां पर पहुंचना दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए बेहद आसान हो जाएगा.